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राम मंदिर चढ़ावा: 40 दिन में 70 बार की चोरी, 50 बार अविनाश ने पार की थी रकम; अनुकल्प-लवकुश रचते रहे पूरा खेल

Sun, 12 Jul 2026 03:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

गिरोह ने मिलकर अविनाश शुक्ला को चोरी करने की जिम्मेदारी दे रखी थी। सबसे अधिक बार वही चोरी करते कैमरे में कैद हुआ। बाकी के लोग उसको कवर करके खड़े रहते थे। 
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राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और अहम खुलासा हुआ है। गिरोह ने मिलकर अविनाश शुक्ला को चोरी करने की जिम्मेदारी दे रखी थी। सबसे अधिक बार वही चोरी करते कैमरे में कैद हुआ। बाकी के लोग उसको कवर करके खड़े रहते थे। 

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कई बार मनीष व रमाशंकर ने भी रकम पार की। उसके बाद बंटवारा किया। एसआईटी की जांच में इसका खुलासा हुआ था, अब पुलिस ने अपनी विवेचना में भी इसकी तस्दीक कर दी है। एसआईटी की विस्तृत जांच अंतिम चरण में है, जबकि पुलिस की विवेचना लंबी चलेगी।

दरअसल, एसआईटी जांच में पता चला था कि 40 दिन में 70 बार चोरी की गई थी। फुटेज से पता चला है कि इसमें सबसे अधिक, करीब 50 बार अविनाश शुक्ला रकम पार करते दिखाई दिया। पुलिस ने भी विवेचना में सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया। फुटेज की रिपोर्ट तैयार हुई तो यहां भी तस्दीक हो गई कि अधिकांश रकम अविनाश ही पार करता था। जब रिमांड पर उससे पूछताछ की गई थी तो उसने बताया था कि रकम पार करने की जिम्मेदारी अक्सर उसी को दी जाती थी। ब्यूरो
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अनुकल्प-लवकुश रचते थे पूरा खेल 
टिन्नू यादव और गणनाकर्मी सुभाष श्रीवास्तव की सह पर चोरी चल रही थी। दोनों का काम यही था कि किसी अन्य की नजर इन लोगों पर न पड़े। किस तरह से और कब रकम पार करनी है, यह सब अनुकल्प मिश्रा व लवकुश मिश्रा मिलकर तय करते थे। उसके बाद अविनाश, फिर मनीष व रमाशंकर रुपये पार करते थे। 

हर दिन लगभग दो बार पार की रकम
सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि लगभग हर दिन दो बार आरोपियों ने रकम पार की। जब अविनाश, अनुकल्प व लवकुश रिमांड पर लिए गए थे, तब भी इन्होंने बताया था कि वे अक्सर दो बार ही रकम पार करते थे। कभी-कभी तीन बार भी हाथ साफ करते थे। यदा-कदा पार करना मुश्किल होता था। यह खेल तब से चल रहा था, जब से ये सभी काम पर लगाए गए थे। 

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