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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट ने बरामद की थी अधिक रकम, एसआईटी को बताई कम; मामले को दबाने की थी पूरी कोशिश

Thu, 16 Jul 2026 03:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ

सार

एसआईटी व पुलिस की बरामदगी में 80 लाख रुपये ही सामने आए, पर हकीकत में यह रकम ढाई से तीन करोड़ रुपये थी, जिसे ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने खुद बरामद किया था।
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राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रकम करोड़ों में है। एसआईटी व पुलिस की बरामदगी में 80 लाख रुपये ही सामने आए, पर हकीकत में यह रकम ढाई से तीन करोड़ रुपये थी, जिसे ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने खुद बरामद किया था।

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एसआईटी के सामने एक-तिहाई ही रकम बताई गई, वही बरामद हुई। ऐसा इसलिए किया गया कि अगर बड़ी रकम बरामद दिखाई जाती तो सवाल भी और बड़े उठते। एसआईटी जांच में इसके सबूत सामने आए हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सूत्रों ने बताया, चोरी का खुलासा होते ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों को पकड़ लिया था। इनसे बरामदगी शुरू कर दी गई, जिसका जिक्र एसआईटी ने भी किया है। ढाई से तीन करोड़ रुपये बरामद कर लिए गए।
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मकसद था कि बची रकम भी बरामद कर मामला दबा दिया जाए। मामला उजागर हुआ तो एक सप्ताह तक पूरा सेटलमेंट किया गया। जब सब पुख्ता हो गया, तब एसआईटी जांच की मांग की गई। एसआईटी ने वही बरामदगी दिखाई, जो ट्रस्ट ने बताई थी। 

रकम पांच करोड़ से अधिक होने की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, करीब तीन करोड़ रुपये ट्रस्ट ने बरामद किए थे, जबकि सभी आरोपियों ने मिलकर दो से ढाई करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे। इस हिसाब से चोरी की रकम पांच करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका है। 

सपा का भाजपा पर निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की चोरी को भाजपा पर लगा काला दाग बताया है। अखिलेश ने कहा कि हर तरफ लूट, झूठ और चोरी का चक्र अबाध गति से चल रहा है। चढ़ावा-चंदा-दान चोरी खुलने के बाद भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के काले कारनामे उजागर हुए हैं। भाजपा में बदहवासी छा गई है और वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए बचकाने बयान दे रही है।

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