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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT जांच की समय अविध बढ़ी, अब इस तारीख तक रिपोर्ट दाखिले करने का आदेश

Wed, 01 Jul 2026 02:42 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। मामले में आठ आरोपी गिरफ्तार हैं और करीब 80 लाख रुपये बरामद होने का दावा है। एसआईटी विभिन्न पहलुओं की गहन जांच जारी रखे हुए है।
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राम मंदिर के चढ़ावे की राशि में गबन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समय-सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन छानबीन के लिए एसआईटी ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एसआईटी को आगामी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईटी इस प्रकरण में हर पहलू की सघनता और निष्पक्षता से जांच करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगी। 

 

'दोषियों को किसी हाल में बख्शेंगे नहीं' 

दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन गृह विभाग को सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां की गई थीं। इन संस्तुतियों के आधार पर गत 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है। आरोपियों से जेल में पूछताछ की जा रही है। वहीं, उनके ठिकानों पर भी छापेमारी भी की जा रही है। मामले में अभी तक 80 लाख रुपये तक की बरामदगी का दावा किया गया है।जांच कर रही एसआईटी ने आरोपी अविनाश शुक्ला के कमरे से एक संदूक बरामद किया है जिस पर 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ है और इस पर पेटीएम का QR कोड भी लगा हुआ है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यहां पर मौजूद श्याम साधनालय की योगाचार्य सीमा तिवारी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि अविनाश शुक्ला पिछले करीब डेढ़ वर्ष से अयोध्या में रह रहे थे और राम मंदिर से जुड़ी गतिविधियों में कार्यरत थे। उनके अनुसार, अविनाश का परिचय योग गुरु डॉ. चैतन्य और उनके भाई अभिषेक के माध्यम से हुआ था।

 

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पुलिस अविनाश को अपने साथ ले गई

वहीं, 5 जून के प्रत्यक्षदर्शी सेवादार सुंदरलाल ने बताया कि उस दिन पुलिस कुछ लोगों के साथ अविनाश को किराये के मकान पर लेकर आई थी। उनके अनुसार, घर से एक बैग निकाला गया, जिसमें कुछ नकदी थी। इसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया और पुलिस अविनाश को अपने साथ ले गई। हालांकि, इन बयानों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अब तक बरामद नकदी या उसके स्रोत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
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