सूत्रों के मुताबिक चोरी की रकम के इस्तेमाल पर आरोपियों ने जमीन व मकान में रकम खपाने की बात कबूली। ये उम्मीद नहीं थी कि पूरा खेल इतनी जल्द खुल जाएगा।
कंट्रोल रूम से निगरानी बन गई थी औपचारिकता
मंदिर परिसर में बने कंट्रोल रूम में सभी कैमरों का कंट्रोल रहता है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि निगरानी के लिए जो लोग लगाए गए थे, वह सिर्फ औपचारिकता करते थे। कोई भी निगरानी नहीं करते थे। ये बात भी आरोपियों को पता थी, इसलिए बेफिक्री से वह रकम पार करते रहे।