राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पत्र की प्रति
- फोटो : राम जन्मभूमि ट्रस्ट
आरोपियों को भेजा गया जेल
इससे पहले शुक्रवार को दिनभर चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर हवा में तैरती रही, लेकिन अब इसकी आधिकारिक पुष्टि हो गई है। चढ़ावा चोरी का मामला छह जून को सामने आया था। ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को जांच के लिए गठित एसआईटी ने 23 जून को गृह विभाग को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें एफआईआर दर्ज करने समेत कई अहम सिफारिशें की गई थीं।
इसके बाद बृहस्पतिवार को चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा के खिलाफ राम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। सभी आरोपियों से रातभर चली पूछताछ के आधार पर 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए। आरोपियों को शुक्रवार दोपहर मेडिकल परीक्षण के बाद लगभग चार बजे कचहरी ले जाया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इनकी भूमिका की जांच जारी
चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी कहा कि दो ट्रस्टियों पर आरोप हैं। इस तरह दोनों पर काफी दबाव है। सूत्रों ने बताया, पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है। टिन्नू चंपत का करीबी था एवं अनुकल्प व लवकुश, मिश्रा के रिश्तेदार ट्रस्टी कृष्ण मोहन ने रिपोर्ट दर्ज कराई, पर आरोपियों के पिता के नाम व पते नहीं बताए। गणना कर्मियों का विवरण भी नहीं दिया।