राम जन्मभूमि परिसर में आज से टेस्ट पाइलिंग का काम शुरू हो सकता है। 100 फीट गहरा और 1 मीटर व्यास का गड्ढा खोदा जाएगा। आईआईटी चेन्नई टेस्टिंग की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट एक महीने में आएगी।
राम मंदिर निर्माण के लिए बेस का मजबूत होना जरूरी है। 12 सौ खंभों पर राम मंदिर का निर्माण होगा। रिंग मशीन के माध्यम से आज पहली खुदाई हो सकती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र ने बताया कि सभी तैयारियां हो चुकी हैं, पाइलिंग टेस्टिंग आज से की जा सकती है।
आपको बता दें कि नींव की 1200 पायलिंग में पहले एक पाइल (कुएं के आकार का पिलर) फाउंडेशन बनाकर 15 अक्तूबर तक टेस्टिंग का लक्ष्य है। दरअसल मंगलवार को राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस नृपेंद्र मिश्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व एलएंडटी के परियोजना प्रबंधक वृजेश कुमार सिंह की टीम के साथ बैठक की थी।
उन्होंने बताया था कि 60 मीटर (200 फीट) गहराई तक राममंदिर का पायलिंग फाउंडेशन होगा। 1200 पाइलिंग सीमेंट, मोरंग और गिट्टी से तैयार होगी। यह समुद्र या नदी में पुल के फाउंडेशन जैसा होगा, लेकिन इसमें स्टील का प्रयोग नहीं होगा। कुएं के निर्माण जैसा गोलाकार सीमेंट, मोरंग और गिट्टी से भी पाइल तैयार की जाएगी।