आखिर कहां गए गोपाल
प्रकरण बेहद संवेदनशील है। अयोध्या पुलिस के साथ एसआईटी भी जांच कर रही है। एसआईटी ट्रस्ट के पदाधिकारियों व वहां से जुड़े लोगों से भी सवाल जवाब करने में जुटी है। इस बीच अचानक गोपाल राव का बाहर जाना कई सवाल खड़े करता है। क्या उनको इसी मामले में संघ ने बुलाया है? या फिर किसी और काम से गए। ये पता नहीं चल सका है।
सीए भी जांच की जद में, उनसे पूछताछ की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट का पूरा लेखा-जोखा तीन सीए देखते हैं, जिनमें बिहार के चंदन राय, राजस्थान के नरपत थोपिया व लखनऊ के अक्षय शामिल हैं। चूंकि ऑडिट संबंधी जांच एसआईटी कर रही है, लिहाजा जांच की जद में ये सीए भी हैं। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ने इनसे संपर्क कर पूछताछ की है। इसकी चर्चा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
बैंक अधिकारियों से पूछताछ, दो-तीन संदिग्ध
एसआईटी ने एसबीआई बैंक के मैनेजर समेत 10 कर्मियों से लंबी पूछताछ की है। बैंक लेनदेन का पूरा हिसाब-किताब कब्जे में लिया है। इसमें दो से तीन लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। बैंक अधिकारी भी सवालों के जवाब देने में परेशान होते नजर आए। सूत्रों का कहना है कि अब बैंक कर्मियों पर शिकंजा कसना तय है।
एक मैनेजर भी रडार पर
सूत्रों के मुताबिक, एक बैंक मैनेजर अनिल मिश्रा के घर पर किराए पर रहते थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कहीं किसी तरह की कोई मिलीभगत तो नहीं रही। क्योंकि गणना में सबसे अधिक जिम्मेदारी बैंक की रहती थी, लेकिन बैंक पूरी तरह से बेफिक्र था। यह लापरवाही थी या किसी साजिश के तहत ऐसा हुआ, इसकी जांच जारी है।