राम मंदिर की चंदा राशि में गबन प्रकरण की जांच अब तक शुरू नहीं हो सकी है। क्योंकि रविवार को एसआईटी नहीं पहुंची। एसआईटी सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। तब मामले की छानबीन शुरू होगी। मंदिर की चंदा राशि में हेरफेर करने का मामला बीते सप्ताह उजागर हुआ था। ट्रस्ट के पदाधिकारी खुद ही तब से छानबीन करने में जुटे हैं। यहां तक कि रकम पार करने वाले पांच लोगों को पकड़ रखा है। उनके जरिये चोरी की काफी रकम भी बरामद कर चुके हैं। इस बीच शनिवार दोपहर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से मामले में एसआईटी से जांच कराने की मांग की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने देर शाम तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। जिसमें मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं।
चर्चा थी कि एसआईटी रविवार से जांच शुरू करेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को एसआईटी अयोध्या पहुंचेगी। तब मामले की जांच शुरू हो सकेगी। ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जानकारी लेने से लेकर वहां के कर्मचारी व संदिग्धों से एसआईटी पूछताछ करेगी। अब तक का पूरा ब्योरा भी जुटाएगी।
केंद्र के एक अफसर के आने की चर्चा
मामला काफी तूल पकड़ चुका है। इसलिए माहौल चर्चाओं से भरा है। ट्रस्ट के ऑफिस के पास किसी भी बाहरी शख्स को जाने नहीं दिया जा रहा है। गुपचुप तरीके से ट्रस्ट पदाधिकारी जांच पड़ताल कर रहे हैं। वहीं रविवार को जानकारी मिली कि केंद्र के एक कोई बड़े अफसर भी पहुंचे हैं। जो पीएमओ की तरफ से भेजे गए हैं। ये अफसर अपने स्तर से जांच पड़ताल कर इनपुट जुटाकर पीएमओ में देंगे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।