चंपत राय व अनिल मिश्रा की ट्रस्ट में काफी अहम भूमिका रही है। दान राशि के हिसाब-किताब से लेकर हर व्यवस्था में इनकी भूमिका रही है। लेकिन जब चढ़ावा चोरी हुआ तो सिर्फ छोटे लोगों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। ये दोनों एफआईआर से बाहर कैसे रह सकते हैं, यह समझ से परे है।