सीमा की बंदिशों को तोड़ बहनों ने भाई को बांधी राखी
- फोटो : अमर उजाला
भाई-बहन के रिश्तों को हर साल याद कराने वाला पर्व रक्षाबंधन को कोरोना वायरस भी मनाने से न रोक सका। सीमा की बंदिशें भी टूट गईं। भारत नेपाल सीमा पर हालांकि दोनों देशों के रिश्तों में बहुत मधुरता नहीं है आवागमन में केवल मालवाहक वाहनों के आवाजाही पर ही छूट है।
बावजूद इसके रक्षाबंधन पर्व पर दोनों ओर से सीमाओं की सख्ती बहनों के प्रेम के आगे आज नरम पड़ गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवागमन के लिए निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई। वहीं भारी मात्रा में दोनों सीमाओं की ओर भारी संख्या में बहनें रक्षाबंधन को लेकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए निकल पड़ी।
लेकिन नेपाल ने रविवार से तीन दिवसीय लॉकडाउन लगा रखा था। आज भी लॉकडाउन का समय था। नेपाल में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान आर्मी को लगा रखा है। इस लॉकडाउन के समय में भी बहनें किसी तरह नेपाली सेना से बचकर सीमा क्षेत्र तक पहुंच गईं।
वहीं भारतीय सीमा में एसएसबी के लगे बैरियर पर भारत से नेपाल जा रही राखी बांधने वाली बहनें भाइयों के कलाइयों में राखी बांधने को लालायित देखी गई। नेपाल में कर्फ्यू होने के कारण सीमा क्षेत्र तक जाने के लिए भारतीय क्षेत्र से सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने भेजा। लेकिन नेपाल ने जाने से रोक दिया।