सपा विधायक पल्लवी पटेल ने राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर अपना हमला दूसरे दिन भी जारी रखा। उन्होंने बुधवार को कहा कि पीडीए हमारा नारा है, लेकिन सपा की राज्यसभा प्रत्याशी जया बच्चन पीडीए तो नहीं हैं।
सपा विधायक पल्लवी पटेल ने राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर अपना हमला दूसरे दिन भी जारी रखा। उन्होंने बुधवार को कहा कि पीडीए हमारा नारा है, लेकिन सपा की राज्यसभा प्रत्याशी जया बच्चन पीडीए तो नहीं हैं। दूसरे उम्मीदवार आलोक रंजन ने मुख्य सचिव के अपने कार्यकाल में पिछड़ों के लिए त्रिस्तरीय आरक्षण लागू नहीं होने दिया।
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उन्होंने कहा कि मुसलमान से ज्यादा कौन है, जो प्रतिबद्धता के साथ सपा के साथ खड़ा है। क्या उनका हक उन्हें नहीं मिलना चाहिए। आगे की रणनीति क्या रहेगी? इस सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि वह ईमान की राजनीति करती हैं। जिनका वोट मिला है, ईमानदारी से उन्हें प्रतिनिधत्व मिलना चाहिए। इसलिए इस धोखे में मैं शामिल नहीं रहूंगी। पल्लवी ने कहा कि मतदान होता है तो वह वोट नहीं करेंगी। आगे की रणनीति अपना दल कमेरवादी की अध्यक्ष कृष्णा पटेल तय करेंगी।
एआईएमआईएम ने भी की फैसले की आलोचना
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता असीम वकार ने कहा कि सपा ने मौका होने के बाद भी एक भी मुसलमान को राज्यसभा के लिए अपना प्रत्याशी नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि तीन में दो सीटें सपा ने चित्रांश समाज को दे दीं, जबकि यह समाज ज्यादातर बीजेपी को वोट करता है।