भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पत्रकारिता समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। भारतीय पत्रकारिता ने राष्ट्रवाद का विचार विपरीत परिस्थितियों में भी लगातार फैलाया है।
राष्ट्रवाद की मशाल को जागृत और जीवंत बनाए रखने में पत्रकारिता का बड़ा योगदान है। वह गुरुवार को ‘हृदय नारायण दीक्षित और उनकी पत्रकारिता’ पर लिखी गई किताब का विमोचन कर रहे थे।
उन्होंने हृदय नारायण को बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया। कहा कि सभी विषयों पर उनका अध्ययन गहन है। वह भारतीय संस्कृति को मजबूत करने के लिए लगातार लिखते हैं।
सरल, सुबोध और तार्किक होने के कारण उनका लेखन प्रशंसनीय है। उन्होंने दीक्षित के लेखन पर पीएचडी के लिए अनुभव अवस्थी को बधाई दी और कहा, ऐसे कम लोग हैं जिनके काम पर उनके सामने ही पीएचडी हो जाती है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष मिश्र ने कहा कि नई पीढ़ी दीक्षित के लेखन से लाभ उठा सकती है। समारोह के अध्यक्ष मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने दीक्षित के व्यक्तित्व और लेखन की प्रशंसा की।
इस अवसर पर हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि हम भारतीय संस्कृति मूलक विचारधारा के लिए लिखते हैं। इसका क्या लाभ होता है, हम नहीं जानते। संचालन पवनपुत्र बादल ने किया। एल उमाशंकर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. रमापतिराम त्रिपाठी, सूर्य प्रताप शाही, जयपाल सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, डॉ. महेन्द्र सिंह, मनोहर सिंह, विधायक बावन सिंह, दयाशंकर सिंह, श्याम नंदन सिंह, विनीत अग्रवाल शारदा आदि मौजूद थे।