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नक्सल गांव में सिमट रहे तो अब शहरी क्षेत्रों में आ गए हैं: गृहमंत्री राजनाथ सिंह

Sat, 01 Sep 2018 11:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सभी को अभिव्यक्ति की आजादी है। वे जो चाहें बोलें लेकिन देश को अस्थिर करने और हिंसा फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। प्रेशर कुकर को दबाने का कभी प्रयास नहीं होगा। 

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राजनाथ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा असहमति की आवाज को सेफ्टी वॉल्व बताए जाने पर शनिवार को राजधानी लखनऊ में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, उनका रिकॉर्ड देखिए।

उनमें से कई 2012 में भी गिरफ्तार हुए थे। उस समय भी ऐसे ही आरोप लगाए गए थे। किसी सरकार को अस्थिर करने, हिंसा की विचारधारा को प्रोत्साहित करने, देश को अस्थिर करने और तोड़ने की साजिश से बड़ा अपराध कोई नहीं हो सकता। 
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नक्सलवाद को रोकने में सफल रही है। वामपंथी उग्रवादियों से प्रभावित जिलों की संख्या में कमी आई है। नक्सली अब गांव में सिमट रहे हैं तो शहरी क्षेत्रों में आ गए हैं। वहां लोगों को अपनी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें अपनी एजेंसियों से इस संबंध में इनपुट मिला है। 

राजनाथ ने पाकिस्तान को चेताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की समस्या को लेकर पड़ोसी देश भारत को तोड़ने की साजिश करता रहता है। उसे अपनी हरकतों से बाज आना पड़ेगा। हमने हमेशा पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्तों की पहल की है। अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री के रूप में लाहौर यात्रा पर गए थे। वे कहते थे कि आप देश बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं बदल सकते।
 
गृहमंत्री ने कहा, कश्मीर समस्या पुरानी और जटिल है। इसके समाधान में समय लगेगा, लेकिन हम इसका पूरा समाधान निकालेंगे। कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों ने करारा जवाब दिया है। जिनके अपहरण हुए थे, उन्हें 20 घंटे में छोड़ना पड़ा। 

गृहमंत्री ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बधाई दी। कहा, पाकिस्तान में नए कप्तान हैं। अभी तक वे क्रिकेट की पिच पर खेलते रहे हैं, लेकिन अब राजनीति के पिच पर खेलना है। देखते हैं कि वे कितने सफल होते हैं। 

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