गृहमंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके प्रशासन से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा कर रहे हैं? केंद्र सरकार ने भी प्रदेश सरकार से मुद्दों पर जवाब मांगा है। इसी कड़ी में राजनाथ सिंह ने सचिव गृह और डीजीपी से मिलकर अखिलेश सरकार के प्रयासों को जाना।
प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल व डीजीपी एएल बनर्जी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की।
दोनों अधिकारी सुबह लगभग 10 बजे कालिदास मार्ग स्थित राजनाथ सिंह के आवास पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार गृह मंत्री ने इन अधिकारियों से राज्य के कानून-व्यवस्था की जानकारी ली।
बदायूं कांड व नोएडा प्रकरण के साथ ही सूबे में महिला उत्पीड़न व अन्य मामलों पर भी सवाल किए।
किया सरकार का बचाव
प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी ने गृह मंत्री को बताया कि सभी मामलों में कार्रवाई हो रही है और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने अपना रुख सख्त कर लिया है।
राज्य सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई के बारे में भी गृह मंत्री को जानकारी दी। पुलिस महकमे में भर्ती के साथ ही फोर्स को सशक्त करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी बताया।
अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने के साथ ही गृह मंत्री से आधुनिकीकरण योजना के तहत यूपी पुलिस को अतिरिक्त बजट आवंटित करने का आग्रह किया।
सूत्रों के अनुसार गृह मंत्री ने यथासंभव कार्यवाही का आश्वासन दिया।
केंद्र ने भी मांगा जवाब
गौरतलब है कि बदायूं में हुए रेप और मर्डर केस को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस घटना पर प्रतिक्रिया स्वरूप हुए प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट भी मांगी थी।
हालांकि मुख्यमंत्री ने भी कड़ा रूख अपनाते हुए कई तबादले किए यहां तक कि प्रमुख सचिव को भी हटा दिया लेकिन अब भी उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बदायूं घटना के बाद वहां के एसएसपी अतुल सक्सेना को निलंबित कर दिया है, जबकि तत्कालीन डीएम पर भी कार्रवाई करने का निर्णय किया गया है।