भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह मंगलवार को कश्मीर की वादियों में जमकर बरसे। उन्होंने पाकिस्तान पर हमला किया।
सबसे पहले राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भाजपा के साथ जज्बाती रिश्ता है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने रियासत की अहमियत को पहचाना था।
जिस प्रकार से यहां उन्हें पगड़ी पहनाई गई थी, उसकी आन-बान और शान को भाजपा संभालेगी। उन्होंने सीमा पार के लोगों को भी संदेश देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था... है... और रहेगा।
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कहा कि वह पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से बेहतर संबंध स्थापित करना चाहते हैं। यदि पड़ोसी अपनी हरकत से बाज नहीं आएगा तो जवाब देने की ताकत भी रखते हैं।चीन और पाकिस्तान को हम जवाब देने में सक्षम हैं।
हम देश के लिए वोट चाहते हैं
उधमपुर-कठुआ लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार डा. जितेंद्र सिंह के समर्थन में मंगलवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह चुनाव का दौर है।
मैं देश को बनाने के लिए वोट मांगने आया हूं। देश की आजादी के 67 साल बीत गए, जिसमें 55 वर्षों तक कांग्रेस की हुकूमत रही।
देश में संसाधनों व साधनों की कमी नहीं है यदि इसका इस्तेमाल होता तो भारत विश्व शक्ति बन सकता था। हमलोगों ने भी सरकार चलाई है। महंगाई ने भारत को बांध रखा है।
कांग्रेस पर प्रहार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कारगिल का युद्ध हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी ने महंगाई को उस समय भी नहीं बढ़ने दिया था। महंगाई कांग्रेस की भ्रष्टाचार से बढ़ी है।
धारा 370 पर फिर दिया जोर
देश में परिवर्तन की लहर है। वाजपेयी के शासनकाल में कई देशों के विरोध के बाद भी परमाणु परीक्षण हुए और दुनिया चौंक गई।
जम्मू-कश्मीर से जज्बाती रिश्ते दोहराते हुए यहां के हुक्मरानों से कहा कि सरपंचों को अधिकार और उनकी सुरक्षा पहले दी जाए।
इसके बाद अनुच्छेद 370 कायम रखने की बात की जाए। सबसे पहले सरपंचों की रक्षा होनी चाहिए।
रिफ्यूजियों की मदद करेगी भाजपा
रियासत के रिफ्यूजियों की नब्ज पर हाथ रखते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें पुनर्वास योजना व वोट का अधिकार भाजपा सरकार दिलाएगी।
रियासत के रिफ्यूजी धैर्य न खोएं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए एक फार्मूला तैयार किया गया था।
जिसमें संशोधन कर यूपीए सरकार के वित्तमंत्री चिदंबरम ने लागू करने को कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
भाजपा की सरकार आई तो इसे लागू किया जाएगा।