बुद्धिजीवियों ने केंद्र सरकार द्वारा 1984 में हुए सिख नरसंहार की दोबारा जांच कराने केनिर्णय की सराहना की है। रविवार को विचार मंच की ओर से नवचेतना केंद्र में आयोजित गोष्ठी में ‘सिखों के नरसंहार की पुन: जांच’ विषय पर विचार व्यक्त करते हुए बुद्धिजीवियों ने कहा कि वह नरसंहार तत्कालीन राजीव गांधी सरकार द्वारा प्रायोजित था।
मुख्य वक्ता सरदार रणवीर सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, राजनीतिक दलों एवं गैर सरकारी संगठनों ने गुजरात दंगे पर तो खूब होहल्ला मचाया, लेकिन इस कांड के विरुद्ध मुकम्मल आवाज नहीं उठाई गई। विडम्बना देखिए कि उस नरसंहार की दोषी राजीव सरकार को लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिल गया।
अध्यक्षता करते हुए पत्रकार श्याम कुमार ने कहा कि गुजरात दंगों में लगभग एक हजार लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में हिंदू भी थे। फिर भी इस पर कई वर्षों से शोर मचाया जा रहा है लेकिन सिखों के नरसंहार पर कोई नहीं बोल रहा।