सपा के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने लोकपाल बिल को जनता को भरमाने की कोशिश करार दिया है।
उन्होंने कहा कि सपा शुरू से ही सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करती रही है।
चौधरी ने कहा कि संसद में पारित लोकपाल बिल कांग्रेस की चुनाव से पहले जनता को भरमाने की ऐसी कोशिश है जिसमें बसपा और भाजपा भी शामिल है।
इनकी तिकड़ी मिलीभगत की राजनीति करती रही हैं। सपा ने लोकपाल बिल का विरोध तार्किक आधार पर किया है।
न्यायिक प्रणाली में जब तक दोष सिद्ध न हो जाए व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है। इस कानून में प्रधानमंत्री से लेकर नीचे तक के अधिकारी के खिलाफ शिकायतें की जा सकेंगी।
उन्हें एसपी या डीएसपी स्तर के अधिकारी के सामने उपस्थित होकर बयान देना होगा। लोकपाल विधयेक की व्यवस्था से प्रशासन तंत्र पूरी तरह पंगु और असहाय हो जाएगा। अधिकारी फाइल पर निर्णय लेने में हिचकेंगे।