केंद्रीय कौशल व उद्यमिता विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूडी ने कहा है कि तीन महीने में नई राष्ट्रीय कौशल विकास नीति लागू कर दी जाएगी। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने इस बारे में बेरोजगार युवकों को सिर्फ धोखा दिया है।
रूडी गुरुवार को यहां भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने कहने को तो 2009 में ही कौशल विकास कार्यक्रमों की घोषणा कर दी।
50 करोड़ युवकों को वर्ष 2022 तक ट्रेनिंग देने का हवाई लक्ष्य तय कर दिया। इसके लिए 8 हजार करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित कर दिया, लेकिन न पाठ्यक्रम पर कोई फैसला हुआ, न ट्रेनिंग का तौर-तरीका तय किया।
नतीजतन पांच साल में युवकों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया। संसद के इसी सत्र में 12 से ज्यादा मंत्रियों को इस बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देना पड़ा।
इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 नवंबर को अलग मंत्रालय बनाकर उन्हें (रूडी) देश के नौजवानों को हुनरमंद बनाने और रोजगार से जोड़ने की चुनौती सौंपी है।