राजा भैया 26 वर्ष की उम्र में कुंडा से पहली बार निर्दलीय विधायक चुने गए थे। वह छह बार रिकॉर्ड मतों से विधायकी का चुनाव जीत चुके हैं। 30 नवंबर को वे अपना शक्ति प्रदर्शन करेंगे। वे नई पार्टी बनाकर इससे 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर सभी की निगाहें हैं। कौशांबी से सपा के सांसद रहे शैलेंद्र सिंह, विधायक विनोद कुमार सरोज, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह जैसे बड़े नाम उनके साथ हैं।
भाजपा के कई राजपूत नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव, सेकुलर मोर्चा के संस्थापक शिवपाल सिंह यादव से उनके रिश्ते सर्वविदित हैं। कुंडा में डीएसपी जिया उल हक की हत्या के मामले में राजा भैया का नाम आया था। इसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। सीबीआई से क्लीन चिट मिलने के बाद उन्हें फिर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया।