क सवाल के जवाब में राज बब्बर ने कहा, भगवा, आस्था और भावना का रंग है। कुछ इमारतों के बाद शौचालयों को भगवा रंग में रंगना छोटी मानसिकता को दिखाता है। शौचालयों पर आस्था वाला कलर नहीं होना चाहिए। भाजपा इस रंग का अपमान न करे। मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा, यहां तो कुछ लोग कुर्सी पर भगवा तौलिया डालकर बैठते हैं।
पड़ोस में दुख हो तो खुशियां नहीं मनाई जातीं
राज बब्बर ने गोरखपुर महोत्सव को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। कहा, महोत्सव में बुराई नहीं है, लेकिन सामाजिक संवेदना बहुत जरूरी है। हमारे यहां रवायत है कि पड़ोस में दुख है तो सोचना पड़ता है कि किस हद तक खुशियां मनाएं। गोरखपुर में तीन दिन में 60 मौतें हुई थीं। यह सिलसिला अभी तक जारी है।