कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि पहले आरएसएस का दफ्तर नागपुर में हुआ करता था, अब साउथ ब्लॉक (कैबिनेट सचिवालय) दिल्ली में हो गया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम का मंदिर बने, इसमें कोई बुराई नहीं है, पर राम का नाम तब आता है, जब चुनाव आते हैं। जो लोग गोडसे की पूजा करते हैं, उन्हें गांधी का नाम लेने का कोई हक नहीं है। लाल बहादुर शास्त्री को याद करने वाली भाजपा की सरकार उनकी जयंती पर किसानों पर लाठियां चलवाती है। इससे ज्यादा शर्म की बात क्या हो सकती है।
राजबब्बर बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य तलत अजीज को राज्य सरकार से जान को खतरा है। तलत लंबे समय से एक गनर की हत्या के मामले में पैरवी कर रही हैं। इस केस में सीएम योगी आदित्यनाथ विपक्षी हैं।
उन्होंने कहा कि कहीं तलत अजीज का हश्र भी सिपाहियों की गोली से मारे गए विवेक तिवारी की तरह न हो, इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले को अवाम के सामने ला रहे हैं।
भोले के नारे लगाने पर निष्कासन की खबरें निराधार
इलाहाबाद में राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान शिव भक्ति के नारे लगाने वाले कार्यकर्ताओं के निष्कासन संबंधी खबरों को राज बब्बर ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में मीडिया में आई खबरों पर जिलाध्यक्ष से जवाब मांगा गया है। कांग्रेस नवरात्र में कन्या पूजन कराएगी, इस पर राज बब्बर ने कहा कि ईद पर सबील भी लगाएंगे।