श्रावस्ती। तराई में बृहस्पतिवार रात हुई बरसात के बाद शुक्रवार खिली चटकीली धूप से उमस काफी बढ़ गई है। ऐसे में लोग गर्मी से बेहाल रहे। वहीं अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जिले में आए दिन हो रही बरसात के कारण जगह जगह कीचड़ व जलभराव की समस्या हो गई है। इस बीच निकलने वाली चिलचिलाती धूप से उमस काफी बढ़ी है। ऐसे में जहां लोग जल जनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। वहीं लोगों को चिपचिपाहट वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में होने वाली अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
देर रात बरसात के बीच हुई बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान रहे। हालांकि गनीमत यह रही कि नेपाल सहित पहाड़ों पर बरसात न होने के कारण जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 से घट कर 127.20 पहुंच गया। इससे तटीय इलाकों में हो रही कटान का खतरा भी कम हो गया। इससे कछार वासियों ने राहत की सांस ली।