प्रदर्शनी में नेशनल हाईस्पीड रेल काॅरपोरेशन लिमिटेड के स्टॉल पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की जानकारी लेने के लिए लोग पहुंचे। यहां प्रतिनिधियों ने इसकी खासियत बताई। इस सेक्शन के पूरा होने के बाद वाराणसी से दिल्ली के बीच भी बुलेट ट्रेन चलाई जानी है, जिसे लेकर चर्चा की गई। हालांकि यह अभी दूर की कौड़ी है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के स्टॉल पर भी भीड़ रही।
एनसीसी कैडेटों ने देखी हाइड्रोजन ट्रेन
नेवल एनसीसी के कैडेट शनिवार को प्रदर्शनी देखने पहुंचे थे। कैडेटों के साथ डॉ. विमलेश गुप्ता भी उपस्थित रहे। उनके नेतृत्व में आरडीएसओ के स्टॉल पर कैडेटों ने हाइड्रोजन ट्रेन की जानकारी ली। ट्रेन हादसों को रोकने के लिए तैयार की गई तकनीकों को समझा। एनसीसी कैडेटों ने प्रदर्शनी में रूस, ऑस्ट्रिया व जर्मनी के स्टॉलों का भी भ्रमण किया। इससे पूर्व आरडीएसओ डीजी उदय बोरवणकर ने स्टॉल का मुआयना किया।