हर धर्म के अनुयायियों के लिए एक साथ लंगर की व्यवस्था। सुबह और शाम एक स्थल पर पूजा और प्रार्थना की जगह। भजन कीर्तन के लिए बैठने का भव्य इंतजाम।
रेलवे की नई धार्मिक स्थल ट्रेनें इसी तरह की सुविधाओं से लैस होंगी। खास बात यह भी होगी कि धार्मिक ट्रेनों में राजधानी एक्सप्रेस वाली एलएचबी (लिंके हॉफ मैन बुश्क) बोगियां होंगी।
धार्मिक ट्रेन में एसी की भी सुविधा
पहली बार स्लीपर के साथ एसी में यात्रा करने वाले यात्री भी धार्मिक ट्रेन में सवार हो सकेंगे। रेलवे धार्मिक ट्रेन में एसी सेकंड और एसी थर्ड की भी बोगियां लगाएगा।
विशेष तरह की इन बोगियों का उत्पादन रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला कर रहा है। रेलवे बोर्ड ने पिछले सप्ताह बैठक कर भारतीय रेलवे खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को धार्मिक ट्रेनों को चलाने की तैयारी के आदेश दिए हैं।
हर धार्मिक स्थल के लिए स्पेशल ट्रेन
अब तक आईआरसीटीसी धार्मिक ट्रेनों के रूप में हिंदू धर्म के लोगों के लिए दक्षिण भारत और सिख समुदाय के लिए अमृतसर, वैष्णो देवी, स्पेशल ट्रेन चला रहा है।
इसके लिए आईआरसीटीसी को रेलवे से बोगियों का इंतजाम करना पड़ता है। आईआरसीटीसी को एसी बोगियों की कमी के कारण अपनी धार्मिक स्थल विशेष ट्रेन में केवल स्लीपर श्रेणी की बोगियां लगानी पड़ती हैं।
ऐसे में एसी में सफर करने वाले यात्री इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते हैं। अब रेल बजट की धार्मिक ट्रेनों में एसी बोगियां भी होंगी। इस बोगी के यात्री अपनी बोगियों में आराम करेंगे, जबकि भोजन, पूजन और भजन कीर्तन वह लोग सभी यात्रियों के साथ मिलकर करेंगे।
सदानंद गौड़ा ने की थी घोषणा
इस बार रेल बजट में रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने विशेष रूप से तैयार की गई धार्मिक ट्रेनों को चलाने की घोषणा की थी। हर धर्म के लिए एक धार्मिक ट्रेन चलेगी, जिसमें उनके आस्था के स्थलों की सैर आईआरसीटीसी कराएगी।
सिख सर्किट, हिंदू सर्किट, मुस्लिम सर्किट, जैन, पारसी और इसाई सर्किट के लिए आईआरसीटीसी इंतजाम करेगा। इन ट्रेनों की खासियत यह होगी कि इसमें हर धर्म के अनुसार उनको पारंपरिक भोजन भी मिलेगा।
धार्मिक ट्रेनों में यात्रा पर कितना खर्च आएगा इस पर अभी मंथन चल रहा है। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में धार्मिक ट्रेनों की विशेष बोगियां तैयार हो रही हैं। इनमें से एक ट्रेन अयोध्या, वाराणसी, इलाहाबाद होकर दक्षिण भारत की ओर भी जाएगी।