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लड़कियां जरूर SAVE करें ये नंबर, ट्रेन में आएंगे बेहद काम

Sat, 09 Jan 2016 02:23 PM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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ट्विटर के जरिये मदद की गुहार लगाने वालों को रेलमंत्री ने दूध, भोजन और डॉक्टर आदि मुहैया कराकर नया रिकॉर्ड बना दिया, पर यही सुविधा अब रेलवे के लिए सिरदर्द बन गई है।
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु के अलावा रेल मंत्रालय, विभिन्न जोन के महाप्रबंधकों के ट्विटर अकाउंट पर रोजाना हजारों की संख्या में ट्वीट आ रहे हैं। लिहाजा रेलवे इनका जवाब देने या फिर इन पर कार्रवाई करने में बेबस साबित हो रहा है।

रेलवे के अधिकारियों की मानें तो ट्विटर पर ज्यादातर ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिन्हें हेल्पलाइन के जरिये सुलझाया जा सकता है। बावजूद इसके लोग सीधे रेल मंत्री या मंत्रालय को ट्वीट कर देते हैं।
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यही नहीं बड़ी संख्या में शिकायतें फर्जी भी निकलती हैं। पर, ऐसे में यात्रियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना उचित नहीं लगता है। फिलहाल बृहस्पतिवार को इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की गई, जिसके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सभी जोनों के डीआरएम को सौंपी गई है।

इसमें कहा गया है कि यात्री पहले अधिकृत हेल्पलाइन के जरिये मदद लेने का प्रयास करें। अगर वहां से मदद न मिले तो ही ट्वीट करें। शिकायत में सूचना स्पष्ट दें ताकि रेलवे ठीक से मदद कर सके। इसके अतिरिक्त ट्वीट में पीएनआर नंबर, कोच, बर्थ नंबर, यात्रा की तारीख और फोन नंबर जरूर लिखें।
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यहां देखें हेल्पलाइन नंबर

एडवाइजरी में कहा गया है कि जैसी समस्या है, वैसा ही हैश टैग लगाकर ट्वीट करें। जैसे मेडिकल हेल्प के लिए हैश के साथ मेडीसीएल लिखकर ट्वीट करें।

इसी तरह कैटरिंग सुविधा के लिए हैश कैटजी,आईआरसीटीसी टिकट के लिए हैश आईआरसीटीसी, सिक्योरिटी हेल्प के लिए हैश सिक्योरिटी जरूर दर्ज करें।

ये है एडवाइजरी
•जब रेलवे की ओर से फोन आए तो जरूर अटैंड करें।
•रेलवे की ओर से रिस्पांस के तौर पर किए गए ट्वीट पर नजर रखें।
•टिकट रिफंड से जुड़ा मामला है तो कैंसिलेशन डिटेल जरूर दें।
•समस्या सुलझने के बाद रेलवे फीडबैक जरूर दें।

हेल्पलाइन नंबर
पीएनआर स्टेटस और ट्रेन टाइमिंग की जानकारी- 139
चोरी, सामान छूटने की दशा में, महिला उत्पीड़न - 182
यात्रियों के संबंध में, महिला या विकलांग कोच में अनधिकृत यात्रियों के होने की सूचना- 1800111322
गुणवत्ता और मूल्य से जुड़े खान-पान के मामले- 1800111321
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