कानपुर और फैजाबाद के लिए सोमवार से शुरू हुई पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों ने बढ़े हुए किराए को लेकर चारबाग रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।
नाराज यात्रियों ने कहा कि आखिर ट्रेन में ऐसी क्या सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं कि किराया 20 की जगह 45 रुपया कर दिया गया है।
साथ ही आरोप लगाया कि एमएसटी धारकों को यात्रा की सुविधा नहीं देना यह साबित करता है कि रेलवे प्रशासन सिर्फ और सिर्फ वसूली पर उतारू है।
रेलवे प्रशासन पैसेंजर ट्रेन को मेल-एक्सप्रेस की तर्ज पर चला रहा है। इसके चलते ट्रेन का किराया भी बढ़ा हुआ लिया जा रहा है।
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने बताया कि लखनऊ से कानपुर के बीच शुरू हुई पैसेंजर ट्रेन के पहले ही दिन यात्रियों ने किराए को लेकर हंगामा किया।
यात्रियों ने कहा कि पैसेंजर ट्रेन का किराया जब 20 रुपये था तो 45 रुपये तक क्यों लिया जा रहा है। इसके जवाब में रेलकर्मियों ने उन्हें बताया कि ट्रेन को एक्सप्रेस बनाकर चलाने की वजह से ऐसा हो रहा है।
इस पर यात्रियों ने कहा कि क्या ट्रेन में एक्सप्रेस वाली सुविधाएं शुरू हो गईं हैं जो किराया एक्सप्रेस वाला लिया जा रहा है।
एसएस उप्पल ने कहा कि ऐसा करने की आखिर जरूरत क्या है। बेवजह यात्रियों से दोगुना किराया लेकर यात्रियों की जेब हल्की की जा रही है।
इतना हो गया किराया
लखनऊ से... पैसेंजर मेल/एक्सप्रेस
अमौसी 10 रुपये 30 रुपये
उन्नाव 15 रुपये 35 रुपये
कानपुर 20 रुपये 40 रुपये
बाराबंकी 10 रुपये 30 रुपये
फैजाबाद 30 रुपये 60 रुपये
(ट्रेनों को मेल-एक्सप्रेस बनाकर चलाने से किराया भी महंगा पड़ रहा है।)
144 यात्रियों ने किया सफर
लखनऊ से कानपुर के लिए सोमवार सुबह 7.05 बजे ट्रेन रवाना हुई। इससे कुल 144 यात्रियों ने सफर किया। इसमें कानपुर के लिए मानकनगर से सबसे अधिक 25 यात्री सवार हुए। जबकि अमौसी, मगरवारा व कानपुर ब्रिज स्टेशनों से एक भी टिकट नहीं बिका। पिपरसंड से पांच, हरौनी से 14, जैतीपुर से 19, कुसुम्भी से 20, अजगैन से 17, सोनिक से एक, उन्नाव से चार टिकट बिके। कुल 3385 रुपये के टिकटों की बिक्री हुई। ट्रेन सुबह 9 बजे कानपुर पहुंची। कानपुर से लखनऊ के लिए शाम 6.50 बजे ट्रेन रवाना हुई और रात 9.40 बजे लखनऊ पहुंचने का समय है।