भ्रष्टाचार की मुखालफत करने पर बीती 30 जुलाई को सुल्तानपुर में तैनात भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा (आईआरएसई) के अधिकारी की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
रेलवे इंजीनियर को मिली ईमानदारी की सजा के खिलाफ उसके साथी लामबंद हो गए हैं। भ्रष्टाचार का दमन करने के लिए हुई इस अधिकारी की पिटाई से नाराज रेलवे अफसरों ने रविवार को बगावत कर दी।
रेलवे अफसरों ने आरोपी रेलकर्मियों को बर्खास्त करने और एक प्रभावशाली रेल कर्मचारी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने पर आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली।
वर्ष 2010 बैच के आईआरएसई अधिकारी दुष्यंत सिंह की पहली पोस्टिंग दो जुलाई को सुल्तानपुर में सहायक मंडल अभियंता (एडीईएन) के रूप में हुई थी।
बताया जाता है कि दुष्यंत सिंह ने यहां गैंगमैनों व रेलकर्मियों को नि:शुल्क मिलने वाली वर्दी बेचने, अवकाश स्वीकृत करने पर चढ़ावा चढ़ाने और रेलवे सुविधा पास के एवज में रुपये वसूलने के भ्रष्टाचार को उजागर किया था।
उन्होंने इस गोरखधंधे में शामिल कर्मचारियों की तैनाती दूसरी जगह कर दी। कमाई वाले पद से हटाए गए कर्मचारी एक कर्मचारी संगठन से जुड़े हुए थे।
पद से हटने से नाराज कर्मचारियों ने अपने साथियों के साथ 30 जुलाई को दुष्यंत सिंह की उनके ऑफिस के भीतर घुसकर पिटाई कर दी थी।
उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे, आरडीएसओ और कंस्ट्रक्शन इकाई के अफसरों ने रविवार को बैठक कर एक ज्ञापन डीआरएम जगदीप राय के अलावा रेलवे बोर्ड के आला अफसरों को भेजकर न्याय की मांग की है। अधिकारियों ने रेलवे अफसर को पीटने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।