ट्रेन में पत्नी के साथ सफर कर रहे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी को अश्लील गाना गाने के विरोध पर रेलवे के ही एक अफसर ने पीट दिया।
खलीलाबाद स्टेशन के पास बुधवार को हुए हाई प्रोफाइल मामले की खबर आग की तरह कुछ ही देर में पूरे विभाग में फैल गई।
गोरखपुर से निर्देश मिलते ही आरोपी अफसर ट्रेन से उतर गया। वहीं, ट्रेन के चारबाग पहुंचते ही तमाम अधिकारी पत्नी के साथ सफर कर रहे अफसर का हालचाल लेने पहुंचे।
साउथ सेंट्रल रेलवे में अपर महाप्रबंधक महेश चंद्रा (59) बुधवार को पत्नी निशि चंद्रा (51) के साथ राप्तीसागर एक्सप्रेस (12589) से गोरखपुर से सिकंदराबाद जा रहे थे।
कोच ए-1 की सीट 13 और 15 पर उनका आरक्षण था। ट्रेन में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट मार्केटिंग) अमृतांशु तीन कर्मचारियों के साथ टिकट चेकिंग कर रहे थे।
ट्रेन के खलीलाबाद पहुंचते ही महेश के बगल वाली केबिन की सीट 9,10, 11 और 12 पर अमृतांशु और उनके साथी बैठकर अश्लील गाना गाने लगे।
इनमें से सीट संख्या नौ लखनऊ से सिकंदराबाद तक प्रतीक और 10 से 12 नंबर कानपुर से यात्रियों के नाम आवंटित थी।
अश्लील गानों को सुनकर निशि चंद्रा ने विरोध किया तो आरोपी और अभद्रता पर आमादा हो गए। बोगी में बैठे अन्य यात्री भी विरोध करने लगे। बावजूद इसके आरोपियों के न मानने और पत्नी से बदतमीजी होते देख महेश ने समझाने का प्रयास किया।
इस पर अमृतांशु ने उन पर हाथ उठा दिया। अचानक हुए हमले से महेश गिर पड़े। उनके संभलने से पहले ही बेतहाशा पिटाई शुरू कर दी।
यात्रियों ने किसी तरह उन्हें बचाया। महेश ने फोन कर सिकंदराबाद स्थित साउथ सेंट्रल रेलवे मुख्यालय में महाप्रबंधक देवी पांडे से शिकायत की।
महाप्रबंधक ने इसकी जानकारी गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक केके अटल को दी। उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए अमृतांशु को फोन कर तुरंत गोरखपुर तलब किया। हाईकमान से निर्देश मिलते ही अमृतांशु गोंडा में ट्रेन से उतरकर गोरखुपुर लौट गया।
ट्रेन के दोपहर 12:15 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचने पर आरपीएफ, वाणिज्य विभाग के अफसर और जीआरपी लखनऊ जंक्शन प्रभारी मोहम्मद इरशाद त्यागी भी जा पहुंचे।
रेलवे अफसरों ने महेश चंद्रा का प्राथमिक उपचार कराया। जबकि महेश ने जीआरपी में मामला दर्ज कराने की जगह सीधे विभागीय कार्रवाई के लिए डीआरएम के नाम शिकायती पत्र अफसरों को सौंपा।