मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को 4939.78 करोड़ रुपये अनुमानित लागत वाली बहराइच और खलीलाबाद के बीच नई रेल लाइन को मंजूरी प्रदान की। यह रेल लाइन भिनगा, श्रावस्ती, बलरामपुर, उतरौला, डुमरियागंज, मेहदावल और बांसी से होकर गुजरेगी।
इस बड़ी लाइन की कुल लंबाई 240.26 किलोमीटर होगी। पूर्वोत्तर रेलवे का हिस्सा बनने जा रही यह रेल लाइन 2024-25 तक बनकर तैयार हो जाएगी। परियोजना से जुड़ी निर्माण गतिविधियों के दौरान यह 57.67 लाख मानव दिवस के रूप में प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
ऐसे में उम्मीद है कि कुछ सालों में बहराइच, श्रावस्ती व बलरामपुर के बीच ट्रेन दौड़ने लगेगी।बौद्ध तीर्थ स्थल श्रावस्ती पहले बहराइच जिले का हिस्सा था। दशक भर पूर्व जनपद बना, लेकिन श्रावस्ती के आवागमन के लिए ट्रेन की सुविधा नहीं ती।
इसके लिए कई आंदोलन हुए। दो वर्ष पूर्व केंद्र सरकार ने रेल बजट में बहराइच होते हुए श्रावस्ती, बलरामपुर, खलीलाबाद रेल लाइन को हरी झंडी दी थी। लेकिन बजट की स्वीकृति नहीं हो सकी थी। बुधवार को बजट पास हो गया। इस खबर से तराई के लोगों में हर्ष है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि श्रावस्ती जैन धर्म के मतावलम्बियों का एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र भी है। ऐसी मान्याता है कि यहां शोभानाथ मंदिर तीर्थकर संभवनाथ की जन्म स्थली है। बलरामपुर के नजदीक तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर मां दुर्गा के 51 प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। ऐसे में नई रेल लाइन से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
नीति आयोग द्वारा चिह्नित किए गए। 115 आकांक्षी जिलों में से चार इस परियोजना क्षेत्र में है। इन जिलों में बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और सिद्धार्थ नगर शामिल है।। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि नई रेल लाइन की मंजूरी मिलने के बाद अब जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा। नवंबर से ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। सभी पांच दिशा में रेल लाइन के दायरे में पड़ने वाली जमीन मालिकों को मुआवजा देकर कब्जे की प्रक्रिया अपनायी जाएगी।
नई रेलवे लाइन के स्टेशन
बहराइच, भिनगा, श्रावस्ती, बलरामपुर, उतरौला, डुमरियागंज, बांसी, मेंहदावल, खलीलाबाद।
पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने कहा कि बहराइच से खलीलाबाद के बीच नई रेल लाइन बिछाने से लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा। पर्यटकों को भी काफी सहूलियत होगी। विकास की रफ्तार बढ़ेगी।