लखनऊ कृष्णानगर के प्रेमनगर में बृहस्पतिवार दोपहर बंद कमरे में रेलवेकर्मी ओमप्रकाश (55) और पड़ोस में रहने वाले बबलू कश्यप की पत्नी मीना की रहस्यमय हालात में जलकर मौत हो गई। आसपास के लोगों ने कमरे से धुआं निकलता देखा तो हड़कंप मच गया। दरवाजा तोड़ने पर दोनों जलते हुए मिले। पानी डालकर आग बुझाई गई लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय का कहना है कि दोनों खुद को देवर-भाभी बताते थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि ओमप्रकाश रेलवे में कारपेंटर था और मूलरूप से मकबूलगंज का रहने वाला था। उसके परिवार में पत्नी शिवरानी के अलावा बेटे सुधांशु, सौरभ, गौरव और बेटी कोमल हैं। छह महीने से वह परिवार को छोड़कर आशा के मकान में किराये पर रह रहा था।
मीना कश्यप उसके पड़ोस में रहती है। उसका पति बबलू भी रेलवे में काम करता है। उसके दो बेटे रवि और दीपक व दो बेटियां रश्मि और रजनी हैं। रश्मि की शादी हो चुकी है जबकि रजनी की 30 नवंबर को शादी होनी है। मीना ने ही ओमप्रकाश को देवर बताते हुए किराये पर कमरा दिलाया था। दोपहर करीब ढाई बजे मीना बेटी की शादी का कार्ड बांटने की बात कहकर घर से निकली थी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि ओमप्रकाश रेलवे में कारपेंटर था और मूलरूप से मकबूलगंज का रहने वाला था। उसके परिवार में पत्नी शिवरानी के अलावा बेटे सुधांशु, सौरभ, गौरव और बेटी कोमल हैं। छह महीने से वह परिवार को छोड़कर आशा के मकान में किराये पर रह रहा था। मीना कश्यप उसके पड़ोस में रहती है। उसका पति बबलू भी रेलवे में काम करता है।
उसके दो बेटे रवि और दीपक व दो बेटियां रश्मि और रजनी हैं। रश्मि की शादी हो चुकी है जबकि रजनी की 30 नवंबर को शादी होनी है। मीना ने ही ओमप्रकाश को देवर बताते हुए किराये पर कमरा दिलाया था। दोपहर करीब ढाई बजे मीना बेटी की शादी का कार्ड बांटने की बात कहकर घर से निकली थी।