lucknow-agra expresssway
- फोटो : amar ujala
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे- 300 किमी.
लखनऊ रिंग रोड- 50 किमी.
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे- 340 किमी.
गाजीपुर से वाराणसी- 110 किमी.
एसपीवी बनाने का सुझाव
इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार और यूपीडा को शामिल कर एक स्पेशल परपज व्हीकिल (एसपीवी) गठित करने का प्रस्ताव है। सुझाव दिया गया है कि रेल कारीडोर के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली जमीन को प्रदेश सरकार अंश पूंजी के रूप में प्रयोग करने पर विचार कर सकती है। कारीडोर के लिए आवश्यक जमीन के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये सरकार को खर्च करना पड़ेगा।
इस प्रोजेक्ट की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की संस्था राइट्स को देने की योजना है। राइट्स वर्तमान में दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कारीडोर की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी कर रही है। राइट्स ने 1.89 लाख रुपये प्रति कमी. पर स्टडी का प्रस्ताव किया था। संस्था ने विचार-विमर्श के बाद 1.75 लाख रुपये प्रति किमी. करने पर सहमति दे दी है। इस काम पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। इसमें जीएसटी व अन्य कर शामिल नहीं हैं।