कैश पैसा लेकर चलने के बजाए का़र्ड के इस्तेमाल पर भरोसा रखने वालों को अब रेलवे भी डेबिट और क्रेडिट कार्ड से टिकट मुहैया कराएगा।
इसके लिए लखनऊ जंक्शन पर कार्ड स्वाइप मशीनें लगाने की कवायद आरंभ की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह व्यवस्था जल्द ही राजधानी में आरंभ हो रही है। इसके बाद इसे चारबाग समेत मंडल के अन्य स्टेशनों पर लगाया जाएगा।
योजना को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि आजकल कार्ड के इस्तेमाल का चलन आम है। अब तो छोटी-छोटी दुकान और शोरूम पर कार्ड स्वीकार किए जा रहे हैं।
रेलवे भी ऑनलाइन टिकट कार्ड के जरिए बेच रहा है। इसी को आगे बढ़ाते हुए अब टिकट काउंटरों पर स्वाइप मशीनों को लगाने की तैयारी है। इन मशीनों में टिकट के एवज में होने वाले भुगतान की राशि ली जाएगी। इससे कैश लेनदेन का झंझट समाप्त हो जाएगा।
मार्च के बाद कार्ड से टिकट खरीद सकेंगे यात्री
इस संबंध में विभिन्न बैंकों से बातचीत की गई है, जहां से इन मशीनों के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन पर दिए जाने वाले कमीशन को लेकर बात तय होनी है।
इन मशीनों को रेलवे के तंत्र से जोड़ने के लिए सेंटर फॉर रेलवे इनफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) की भी मदद ली जाएगी। उम्मीद है कि मार्च अंत से यह तंत्र काम करने लगेगा। उसके बाद यात्री कार्ड के जरिए टिकट खरीद सकेंगे, इसका भुगतान उनके खाते से हो जाएगा।
जंक्शन के बाद इसे चारबाग समेत अन्य स्टेशनों पर भी कार्यरत किया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ आलोक कुमार ने बताया कि इन मशीनों को लगाने की तैयारी जोरशोर से चल रही है। जल्द ही यात्रियों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी।
एक आईडी से रोज सिर्फ दो टिकट
तत्काल टिकट के नए नियम सोमवार से लागू हो जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत अब एक दिन में एक आईडी से सिर्फ दो टिकट ही बन सकेंगे। इसके अलावा महीने में सिर्फ छह तत्काल टिकट ही बुक कराए जा सकेंगे।
आम लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई तत्काल टिकट व्यवस्था में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
सुबह 10 से 11 बजे तक स्लीपर क्लास और 11 से 12 बजे के बीच एसी क्लास के तत्काल टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुक कराए जा सकेंगे। यह सुविधा आम लोगों के लिए शुरू की गई थी, जिसमें इमरजेंसी की स्थिति में यात्रा करने पर उन्हें कंफर्म टिकट मिल जाए।
मगर इस सुविधा का दुरुपयोग दलालों ने शुरू कर दिया। तमाम नामों से फर्जी आईडी बनवाकर वे आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराकर टिकट बनवा लेते हैं। इन्हें जरूरतमंद यात्रियों को बेचकर खासा मुनाफा बटोरा जाता है।
तीन से चार मिनट में ही बुक हो जाते हैं तत्काल टिकट
इसके चलते मात्र तीन-चार मिनट में ही तत्काल कोटे के सभी टिकट बुक हो जाते हैं। इस दिक्कत को दूर करने के मकसद से रेलवे बोर्ड ने तत्काल टिकटों के संबंध में कुछ दिन पूर्व विशेष अधिसूचना जारी की थी, जिसे 15 फरवरी से लागू किया जा रहा है।
नए इंतजाम के तहत आईडी पर एक व्यक्ति दिन भर में सिर्फ दो और महीने भर में छह टिकट ही बुक करवा सकता है। वहीं एक बार लॉगइन करके टिकट बुक कराने पर अपने आप लॉगआउट हो जाएगा।
यही नहीं एक टिकट होने में कम से कम 35 सेकेंड का वक्त लगेगा। आईआरसीटीसी अफसरों के मुताबिक ये सभी इंतजाम लागू होने से तत्काल टिकटों के धंधे पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।