रायबरेली में रेल कोच फैक्ट्री के निरीक्षण के लिए पहुंचे रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि वर्ष 2007 से 2011 तक कांग्रेस चुनावी सियासत के लिए कारखाना लगाने का ढोंग करती रही। उस दौरान कारखाना चलाने के लिए लाई गई करीब 200 करोड़ की मशीनें वर्षों से बेकार पड़ी हैं।
जिनके जांच के निर्देश दिए गए हैं। चाहे अधिकारी हो या कोई नेता संलिप्तता पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कारखाने में काम करने वाली अत्याधुनिक मशीने लाई जाएंगी और इसे विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।
भाजपा की सरकार आने के बाद कारखाने को आधुनिक कोच कारखाने में तब्दील किया गया है। वे यहां माडर्न कोच कारखाने में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
स्थानीय लोगों के रोजगार बढ़ाने के सम्बन्ध में स्किल डेवलपमेंट संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग सेंटर को बड़ा किया जाएगा और बिना भेदभाव के अप्रेंटिस कराई जाएगी। इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट में जैसी उन्होंने घोषणा की थी कि कारखाने को क्षमता बढ़ाकर यहां तीन हजार कोच प्रतिवर्ष बनाए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने मशीने लाने और कारखाने की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दे दिए हैं।
उन्होंने कहा कि वे लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी से बात करेंगे। यदि वे कुछ जमीन का बंदोबस्त करा दें तो यहां इंसिलरीज का बड़ा पार्क बनाने का काम किया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सकेगी।
कारखाने की स्थापना को लेकर उन्होंने कांग्रेस की सरकार को जमकर कोसा कहा वर्ष 2007 से 2011 तक वह कारखाना लगाने का ढोंग करते रहे। एक छोटा सा शेड बनाया था और बाहर से बने बनाए डिब्बे लाकर यहां फर्निशिंग करके कारखाना चलाने का नाटक करते रहे।
भाजपा सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभू व सदानंद गौड़ा ने प्रयास करके कारखाने को आधुनिक रेल कोच कारखाना का स्वरूप दिया। उन्होंने कहा कि स्टाफ बढ़ाने के लिए भी जरूरी दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।