यह पहला मौका था, जब देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस देरी की शिकार हुई। पर, ट्रेन की लेटलतीफी का कष्ट उस वक्त मिट गया, जब चेहरे पर मुस्कान लिए ट्रेन होस्टेस ने यात्रियों को ‘सॉरी’ बोला। आईआरसीटीसी की ओर से पैसेंजरों को मुफ्त लंच भी परोसा गया। इतना ही नहीं ट्रेन लेट होने पर पैसेंजरों को मिलने वाले रिफंड के लिए आईआरसीटीसी की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई।
‘सॉरी...क्षमा कर दीजिए। आपकी ट्रेन लेट हो गई है। आईआरसीटीसी को इस असुविधा के लिए खेद है...’ शनिवार को लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के लिए रवाना होने वाली तेजस एक्सप्रेस की होस्टेस ने जब इस तरह से पैसेंजरों से कहा तो यात्री गदगद हो गए। इस सेवा-सत्कार से उनकी आंखों में चमक आ गए।
दरअसल, शुक्रवार देर रात लखनऊ जंक्शन पर शंटिंग के दौरान कृषक एक्सप्रेस की बोगियां पटरी से उतर गई थीं, जिसकी वजह से शनिवार सुबह प्लेटफॉर्म नंबर छह से रवाना होने वाली तेजस एक्सप्रेस भी करीब पौने तीन घंटे की देरी से रवाना हुई। ट्रेन सुबह 6.10 बजे रवाना होती है, जबकि शनिवार को 2.47 घंटे की देरी से सुबह 8.57 बजे ट्रेन ने प्लेटफॉर्म छोड़ा।
दूसरी ओर नई दिल्ली से लखनऊ जंक्शन आने वाली तेजस एक्सप्रेस भी दोपहर 3.35 बजे की जगह शाम 5.30 बजे रवाना हो सकी। दूसरी ओर से भी पैसेंजरों से खेद जताया गया। चार अक्टूबर को तेजस का उद्घाटन हुआ था, जिसके बाद पहली बार यह ट्रेन देरी से दिल्ली पहुंची। जबकि अभी तक ट्रेन बिलकुल राइट टाइम चल रही थी।
बता दें कि ट्रेन केलेट होने पर रिफंड की सुविधा आईआरसीटीसी द्वारा दी जा रही है। इसके तहत एक घंटे से अधिक लेट होने पर यात्रियों को 100 रुपये और दो घंटे से ज्यादा लेट होने पर 250 रुपये रिफंड दिया जाएगा।
शनिवार को आईआरसीटीसी ने पैसेंजरों को रिफंड के लिए एप्लाई करने का लिंक भी भेजा। लखनऊ से दिल्ली जाने के लिए 500 यात्रियों ने टिकट बनवाया था, जिसमें 450 यात्रियों ने सफर किया। दूसरी ओर नई दिल्ली से लखनऊ के लिए पांच सौ लोगों ने यात्रा की। इसमें विदेशी सैलानी भी शामिल हैं।
पहली बार ट्रेन लेट हुई। पैसेंजरों से खेद जताया और उनकी यात्रा को यादगार बनाने के लिए फ्री में लंच भी करवाया गया। इतना ही नहीं प्रत्येक पैसेंजर को सॉरी लिखे स्टीकर वाले स्नैक्स परोसे गए। देरी की वजह से रिफंड केलिए पैसेंजरों को लिंक भेज दिया गया है।
-अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी