रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को मोदी सरकार का तीसरा बजट पेश किया। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, इस बजट में देशहित केसाथ रेलहित का भी ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि बजट में लोगों की जरूरत का खयाल रखा गया है। रेलमंत्री ने कहा उन्हें इस बजट की प्रेरणा पीएम नरेंद्र मोदी से मिली। उन्होंने कहा, हमारा ध्येय ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करना है और हम कमाई के नए स्त्रोत ढूंढ़ेंगे।
बजट में जहां किराया न बढ़ाकर आम जनता को राहत दी वहीं लखनऊ और यूपी के लिए ये बजट निराशाजनक रहा।
यहां देखें बजट हाईलाइट्स
- दिव्यांगों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग को सुविधाजनक बनाया।
- दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की ऑनलाइन बुकिंग और सभी सवारी डिब्बे ब्रेल इनेबल्ड किए।
- वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए लोअर बर्थ का कोटा बढ़ाया।
- इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ट्रेनों में 17,000 जैव शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे।
- जनरल बोगी में भी मोबाइल चार्ज करने की सुविधा।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए हर ट्रेन में 120 सीटें।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोटा 50% बढ़ा
- 17000 नई ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें
- रेल सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग जरूरी
- इस साल 44 नई परियोजनाएं शुरू होंगी
- प्रति मिनट 7200 ई-टिकट देने का लक्ष्य
- बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- राज्य सरकारों के साथ 6 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए
- संयुक्त उद्यम के लिए 17 राज्यों से सैद्धांतिक अनुमोदन मिला
- कैबिनेट ने रेलवे को राज्य सरकारों के साथ संयुक्त उद्यम की अनुमति दी
- भारतीय जीवन बीमा निगम ने अनुकूल शर्तों पर 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की सहमति दी
- 2020 तक मालगाड़ियों को टाइम-टेबल के अनुसार चलाने का लक्ष्य
- 2020 तक बिना चौकीदार वाली क्रॉसिंग को खत्म करने का लक्ष्य
- 2020 तक 95 प्रतिशत तक समय पालन का लक्ष्य