काकोरी से दुबग्गा रूट पर डिप्टी कलेक्टर प्रज्ञा पांडेय और डॉ. दिलीप भार्गव के नेतृत्व में निकली टीम ने चार अस्पतालों का निरीक्षण किया। पहले कैंसर हॉस्पिटल में पता चला कि उसके लाइसेंस का 30 अप्रैल 2021 के बाद नवीनीकरण ही नहीं हुआ है। यहां 20 बेड स्वीकृत हैं, लेकिन 31 बेड पाये गए। ओटी और वार्ड में सफाई नहीं थी। रिकॉर्ड खंगालने पर मरीजों का विवरण भी गड़बड़ मिला। एक मरीज जमीऊरहमान की कीमोथेरेपी के लिए फाइल बनी थी, लेकिन न उसका इलाज हुआ और न ही डिस्चार्ज का समय दर्ज था। इसी तरह रमेश चन्द्रा के डिस्चार्ज होने का समय भी नहीं दर्ज था। यहां इलाज के लिए डॉ. समीर बेग को ऑन कॉल बुलाए जाने की बात पता चली, लेकिन पंजीकरण दस्तावेजों में उनका नाम नहीं मिला।
वहीं टीम को काकोरी हॉस्पिटल में न डाक्टर मिले और न ही चिकित्सीय सुविधाएं। सिर्फ दो बेड थे और रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज भी कोई नहीं दिखा सका। निरीक्षण के दौरान हिंद हॉस्पिटल में डिस्प्ले बोर्ड पर आर्थोपैडिक सर्जरी आदि की सुविधाओं का जिक्र था लेकिन डॉक्टर और सुविधाएं नहीं मिलीं। सूचना देने पर भी कोई डॉक्टर नहीं आया। कुल 12 में चार बेड कॉरिडोर में पड़े मिले। पंजीकरण दस्तावेज भी नहीं मिले। नए खुले साधना हॉस्पिटल में पता चला कि उसका पंजीकरण ही नहीं हुआ है, सिर्फ आवेदन किया गया है। फिर भी गंभीर मरीजों को यहां इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा था।
जांच में सबकुछ मिला गड़बड़
मड़ियांव से आईआईएम रोड रूट पर डिप्टी कलेक्टर गोविन्द मौर्य व डॉ.आरबी सिंह के नेतृत्व में टीम ने चंद्रा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया तो एंबुलेंस फिटनेस सर्टिफिकेट व बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सर्टिफिकेट नहीं मिला। ब्लड बैंक से कोई समन्वय नहीं था। मेडिकल स्टोर के लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं था। कोविड हेल्प डेस्क, डॉक्टर चेंज रूम और पोस्ट ऑपरेशन रूम भी नहीं थे। वहीं हिम सिटी हॉस्पिटल में इमरजेंसी सुविधाएं नदारद थीं। ड्यूटी पर बीयूएमएस डॉक्टर थे लेकिन सर्जन व आर्थोपैडिक सर्जन एनिस्थरसिया के डॉक्टर नहीं थे। फायर एनओसी व बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सर्टिफिकेट नहीं था। कोविड हेल्प डेस्क, इमरजेंसी यूनिट, प्री व पोस्ट ऑपरेशन रूम भी नहीं था।
बीकेटी से सीतापुर रोड पर एसडीएम पल्लवी मिश्रा व डॉ. जेपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने 6 अस्पतालों पर छापा मारा जिसमें पारस हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, बीकेटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, चंद्रिका देवी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, सिंह हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, होलीकेयर हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, अपेक्स हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर शामिल हैं। इस दौरान होली केयर हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर नहीं मिला। ऑक्सीजन की उपलब्धता के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं मिली। अपेक्स हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर और बीकेटी हॉस्पिटल की रजिस्ट्रेशन की वैद्यता समाप्त मिली। चंद्रिका देवी अस्पताल को छोड़कर अन्य जगह कोविड हेल्प डेस्क संचालित नहीं थी।