लखनऊ। गुडंबा के बेहटा व सेमरा गांव में पटाखों के धमाकों के मामले में दर्ज दो केस के आरोपियों का पांच दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है। आरोपी घर छोड़कर भागे हुए हैं और सभी के मोबाइल नंबर भी बंद हैं। लगातार पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बृहस्पतिवार को गुडंबा पुलिस ने बाराबंकी के फतेहपुर, सीतापुर और नगराम इलाके में आरोपियों के कुछ रिश्तेदारों के घर दबिश दी, पर वहां से भी कुछ पता नहीं चल सका। तीनों जगहों से पुलिस टीम खाली हाथ लौट आई। बुधवार देर रात गुडंबा पुलिस ने बेहटा गांव के कुछ घरों में दबिश दी थी। पुलिस को सूचना थी कि उक्त घरों में चोरी छुपे पटाखों का कारोबार होता है, पर वहां से कुछ भी नहीं मिला।
दबिश टीम में लगे पुलिस सूत्र का कहना है कि नामजद आरोपियों व उनके परिजनों ने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं, ऐसे में उनकी सही लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हैं। उनके कुछ रिश्तेदारों से पूछताछ भी की जा रही है।
ये लोग हैं आरोपी
पहले केस में मृतक आलम, उसके भतीजे शेरू, शोएब और गांव के रहने वाले टीनू और उसके भाई अली अहमद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में दरोगा की तहरीर पर रविवार देर रात केस दर्ज किया गया था। इसके बाद इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेष कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर बेहटा गांव निवासी अली अहमद, याकूब, शेरू, नसीम, अफजल और अली अकबर के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में एफआईआर की गई थी। आरोपियों के गोदाम से भारी मात्रा में अवैध पटाखों व बारूद मिला था।
पुलिस ने नगराम, बाराबंकी और सीतापुर में मारा छापा।
पुलिस ने नगराम, बाराबंकी और सीतापुर में मारा छापा।
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