रायबरेली में सांसद राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की
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उमरन गांव में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के दौरान भी राहुल गांधी मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा हमारी तीन टर्म की सरकार में मनरेगा का जो कांसेप्ट था, उसमें पंचायतों को जिम्मेदारी देने की बात थी। उनको फाइनेंसियल रिस्पांसिबिलिटी दी जाए। उस दौरान दूसरा लक्ष्य था कि हिंदुस्तान के जो गरीब लोग हैं, उनके लिए मिनिमम वेज बने। जिससे कम कहीं भी किसी को वेज न मिले।
नरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते हैं। वह पावर को पावर कांसेप्टेड करना चाहते हैं। वह पावर को अपने हाथों में लेना चाहते हैं और ब्यूरोक्रेसी के हाथों में डालना चाहते हैं। वह गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मुख्य बात यह नहीं है कि मनरेगा का नाम बदला गया है, लेकिन नाम बदल कर गांधी जी का अपमान जरूर किया गया है। उससे बड़ी बात है कि जो गरीब जनता है, उससे प्रोटेक्शन हटा दिया गया है। हमारी थर्ड टर्म गवर्नमेंट की जो सोच थी, उसकी जड़ को काटा गया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। जो मजदूरी करते हैं, उनकी सुरक्षा में लगे हुए हैं। नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि देश का पूरा धन अदाणी और अंबानी को दिया जाए। एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश की जनता का पैसा खींचकर अदानी और अंबानी को देने में लगे हैं।
सारस तिराहे के पास राहुल गांधी का स्वागत करते लोग।
- फोटो : सारस तिराहे के पास राहुल गांधी का स्वागत करते लोग।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों के साथ आम जनता से मुलाकात किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें लड़ते रहना है और डरना नहीं है। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार धर्म का आडंबर ओढ़े हुए है, जिसे बेनकाब करना आवश्यक है।
पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान राहुल ने आगामी पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों के चयन और पार्टी की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया। राहुल गांधी ने पार्टी की युवा शक्ति को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस संकेत से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस आगामी पंचायत चुनावों में युवा चेहरों पर भरोसा जता सकती है। पार्टी का मानना है कि युवा जोश और नए विचारों से संगठन को मजबूती मिलेगी और जमीनी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सकेगा। आम जनता से मिलकर राहुल ने उनका सुख दुख जाना और निपटारे का भरोसा दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने बताया कि राहुल गांधी ने पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। सभी से हिम्मत के साथ खड़े रहकर भाजपा की नीतियों का विरोध करने का आह्वान किया।
उमरन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मनरेगा श्रमिकों को मनरेगा बचाओ संग्राम पंपलेट बांटे। पंपलेट में बताया गया है कि मोदी सरकार श्रमिकों पर चार हमले कैसे कर रही है। यही वजह रही कि राहुल ने अपने भाषण में मोदी सरकार पर जमकर बरसे। मोदी सरकार पर मनरेगा योजना को बंद करने का आरोप लगाया। श्रमिकों को बताया कि कोविड काल में लॉकडाउन के समय में मनरेगा योजना ही श्रमिकों का सहारा बनी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने लोकसभा में मजाक उड़ाते हुए कहा कि इस योजना का कोई लाभ नहीं है। जिस योजना ने आपकी रक्षा की उसे बीजेपी वाले खत्म करने जा रहे हैं। ऐलान किया कि कांग्रेस श्रमिकों के हितों की लड़ाई लड़ेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ श्रमिकों की जुटी। इस मौके पर अमेठी सांसद किशोरीलाल शर्मा, ऊंचाहार पूर्व विधायक अजय पाल सिंह, प्रवीणपाल सिंह गुलाटी, विजय अग्निहोत्री, रणजीत सिंह, ज्योति प्रसाद, छेदीलाल, शंभूशरण पाल, राकेश सिंह राणा, शाजू नकवी मौजूद रहे।
मनरेगा श्रमिकों की प्रतीकात्मक मूर्ति भेंट की
ऊंचाहार विधानसभा के पूर्व विधायक अजयपाल सिंह ने मंच पर राहुल गांधी को मनरेगा श्रमिकों की प्रतीकात्मक मूर्ति भेंट की। इसमें महिला श्रमिक के हाथ में फावड़ा व तसला है, जबकि पुरुष श्रमिक हाथ में गैंती लेकर श्रम को प्रदर्शित कर रहा है। राहुल गांधी ने प्रतिमा को हाथ लिया और उसे काफी देर तक देखते रहे। उन्होंने पूर्व विधायक से मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर भी गूफ्तगू की।