फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हार से सहमे राहुल, अभियान से पहले टेकेंगे माथा

Wed, 26 Feb 2014 10:20 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में हार सहमे राहुल गांधी ने यूपी में सियासी अभियान की शुरुआत करने से पहले ईश्वर की शरण में जाने का फैसला किया है।
विज्ञापन


राहुल 28 फरवरी को बाराबंकी के देवां शरीफ में मत्था टेककर चादर चढ़ाएंगे। 1 मार्च को राहुल बनारस जाएंगे। वहां बाबा विश्वनाथ मंदिर में जाकर आशीर्वाद लेंगे।

राहुल गांधी 28 फरवरी को राजधानी पहुंच रहे हैं। वे यहां पर सबसे पहले होटल पिकैडली में अखबारों के संपादकों व वरिष्ठ पत्रकारों से मुलाकात करेंगे।

हालांकि, यह तय नहीं हो पा रहा है कि राहुल का यह फैसला महज सियासी चाल है या फिर वाकई उन्हें ईश्वरीय शक्ति की दरकार है।
Trending Videos

शहीद पथ पर होगा राहुल का स्वागत

लखनऊ में पत्रकारों से मुखातिब होने से पहले राहुल गांधी शहीद पथ से होते हुए चिनहट पहुंचेंगे। शहीद पथ में पांच-छह स्थानों पर कार्यकर्ता राहुल का स्वागत करेंगे।

इसके बाद वे चिनहट में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं से बातचीत करेंगे। राहुल गांधी यह जानने का प्रयास करेंगे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं। इसमें करीब 500 महिलाएं शामिल होंगी।

इसके बाद राहुल गांधी सूफी संत हजरत वारिश अली शाह की दरगाह देवां शरीफ जाएंगे।

यहां पर वे चादर चढ़ाकर आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के लिए दुआ मांगेंगे।

यहां नेहरू ने भी चढ़ाई थी चादर

इससे पहले जवाहर लाल नेहरू ने भी यहां चादर चढ़ाई थी। देवां शरीफ के दर्शन के बाद बाराबंकी से सफेदाबाद तक राहुल गांधी कई जगह जनसंपर्क भी करेंगे।

अगले दिन यानी एक मार्च को राहुल गांधी बनारस जाएंगे। वहां पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। इसके बाद रिक्शे वालों के साथ एक बैठक करेंगे।

राहुल इनसे भी जानने का प्रयास करेंगे कि क्या दिक्कतें हैं। वहां सद्भावना यात्रा में भी राहुल शामिल होंगे। मिर्जापुर में कांग्रेस की जनसभा को भी राहुल संबोधित करेंगे।
विज्ञापन

हार से हैं परेशान, यूपी से ही उम्मीद

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस वक्त राहुल गांधी बेहद तनाव में हैं और राजस्‍थान, झारखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिली करारी शिकस्त से उनका मनोबल भी काफी कम हुआ है।

राहुल को प्रोजेक्ट करने के बावजूद कांग्रेस को मिल रही हार का ही नतीजा है कि राहुल गांधी को अब ईश्वर की शरण में जाना पड़ रहा है। अब यूपी ही उनकी उम्मीद है।

हालांकि, कुछ लोग इसे सियासी पैंतरा भर मान रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो राहुल गांधी हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों को यह जताना चाहते हैं कि कांग्रेस का नेता सेक्यूलर है।

इस पैंतरे या ‌डर का असर कितना होता है, यह तो वक्त ही बताएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें