फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहुल से बोले महंत, राम मंदिर पर कुछ सोचिए, जानें क्या था उनका जवाब

Sat, 10 Sep 2016 06:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
महंत ज्ञानदास व राहुल गांधी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पुजारी जी.. राहुल जी को प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दे दो...। राहुल गांधी ने स्वीकारोक्ति में हाथ फैलाए..। पुजारी ने तिलक लगाया, रामनामी ओढ़ाई, माला पहनाया, प्रसाद दिया..।
विज्ञापन


फिर राहुल की आंखों में देखते हुए बोले, आपके परिवार ने हमेशा साथ दिया.., आप भी राम मंदिर निर्माण पर सोचिए.. हनुमानजी की कृपा बरसेगी..।

यह शब्द सुन राहुल मुस्कराते हुए आगे बढ़ गए। यह दृश्य था शुक्रवार सुबह 10 बजे अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी का, जहां देवरिया से दिल्ली तक किसान यात्रा लेकर निकले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चौथे दिन पूजन-अर्चन किया।

अवध क्षेत्र में पहुंची किसान यात्रा का अहम पड़ाव अयोध्या था। इसकी शुरुआत फैजाबाद के सर्किट हाउस से निकलकर राहुल गांधी ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन से की। राहुल के आने से पहले तमाम लोगों से परिसर खाली कराने व बाहर गए संतों को अंदर आने से रोकने को लेकर पुलिस के खिलाफ गुस्सा भी फूटा। कड़ी सुरक्षा के बीच जैसे ही राहुल अंदर पहुंचे, उन्हें कांग्रेस नेता महंत पं. गिरीशपति त्रिपाठी सीधे हनुमानजी के चरणों में लेकर गए।
विज्ञापन

राहुल ने आशीर्वाद के लिए हनुमानजी की याचना की

हनुमानगढ़ी में राहुल गांधी - फोटो : amar ujala
पुजारी राजू दास ने राहुल को तिलक लगाया, रामनामी ओढ़ाई, माला पहनाकर प्रसाद में लड्डू-पेड़ा व तुलसी दल सौंपा।

पुजारी राजू दास ने बताया कि राहुल के साथ मौजूद गिरीशपति ने कहा कि राहुल को प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दे दो.. राहुल ने आशीर्वाद के लिए हनुमानजी की याचना की। इस दौरान अन्य साधुओं ने मंत्रोच्चार किया।

प्रसाद देने के बाद हमने कहा कि हनुमान जी का आशीर्वाद तो हमेशा आपके परिवार पर रहा है, आपकी पार्टी सबसे अधिक सत्ता में रही है। अब आप भी राम मंदिर पर सोचिए..। यह शब्द सुन राहुल मुस्कराते हुए गद्दीनशीन महंत रमेशदास से मिले, पांव छुए और प्रसाद ग्रहण किया।

राहुल ने कुल पांच मिनट हनुमानगढ़ी में बिताए, फिर बाहर आकर हनुमानगढ़ी सगरियापट्टी के महंत ज्ञानदास से बंद कमरे में चंद पल बातचीत की और आशीर्वाद लेकर वापस सर्किट हाउस रवाना हो गए।

राहुल न पक्षकार हैं न प्रधानमंत्री तो राम मंदिर पर क्या बात करें

महंत ज्ञानदास - फोटो : amar ujala
हनुमानगढ़ी सगरिया पट्टी के महंत ज्ञानदास ने कहा कि राहुल गांधी उनसे आशीर्वाद लेने आए थे, हमने उनके व उनकी पार्टी की तरक्की के लिए कामना हनुमानजी से की है।

राम मंदिर मुद्दे पर कहा कि नेता क्या मंदिर बनवाएंगे, भगवान जब चाहेंगे तभी बनेगा। मंदिर निर्माण में विश्व हिंदू परिषद ही सबसे बड़ी बाधक है। राहुल जी से इस पर कोई बात नहीं हुई है। वैसे भी हमारी सुलह-समझौते की वार्ता में राहुल की क्या जरूरत है। वह न पक्षकार हैं, न ही देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से शुक्रवार सुबह बंद कमरे में मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ज्ञानदास ने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि अयोध्या का विकास हो। राम मंदिर और मस्जिद का मामला जब तक हल नहीं होगा, विकास नहीं होगा। राहुल से मंदिर निर्माण के मुद्दे पर क्या बात हुई?

इस सवाल पर ज्ञानदास ने कहा कि वो कैसे बात कर सकते हैं, जब केस न्यायालय में है। वर्ष 2010 में हाईकोर्ट का निर्णय आया था तो सभी ने सम्मान किया था, अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है। राहुल भी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करेंगे।

किसान यात्रा से राहुल ने कांग्रेसियों में भरा जोश

कांग्रेस की किसान मांग यात्रा लेकर पहुंचे पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। सर्किट हाउस से शुरू किए रोड शो में सड़क किनारे और घरों की छतों पर मौजूद लोगों के अभिवादन को राहुल हाथ हिलाते रहे। भीड़ भी हाथ उठाकर राहुल गांधी का अभिनंदन करती रही।

महापुरुषों की प्रतिमाओं पर फूलमाला अर्पित करने के साथ ही वे स्कूली बच्चों से भी मिले। यात्रा मार्ग पर कांग्रेस के झंडे लहरा रहे थे। रास्ते में कई जगह राहुल ने किसानों से संवाद किया।

राहुल गांधी का रोड शो निर्धारित समय से लगभग पौन घंटे देर से शुरू हुआ। वे सर्किट हाउस से गांधी पार्क तक गाड़ी के अंदर रहे। पार्क में बच्चों की ओर से प्रस्तुत की जा रही बापू के प्रिय भजन के बीच महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

यहां से राहुल ने गाड़ी के ऊपर बैठ रोड शो की शुरुआत की। बैंड बाजे के साथ नारे लगाती कांग्रेसियों की भीड़ के बीच काफिला आगे बढ़ा। राहुल ने सिविल लाइन स्थित आचार्य नरेंद्रदेव पार्क में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद नगर पालिका के पास लोकमान्य तिलक पार्क में उनकी प्रतिमा को माला पहनाई। फिर यात्रा रिकाबंगज की ओर चल बढ़ी।

...इस तरह बढ़ते रहे आगे

दोनों ओर की भीड़ का अभिवादन करते रिकाबगंज चौराहे पर लोगों ने स्वागत किया। यहां से कारवां कांग्रेस कार्यालय पहुंचा। यहां राहुल ने कमला नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। आगे बढ़े तो चौक घंटाघर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हरा साफा पहनाकर स्वागत किया। राहुल ने कुछ देर उनसे बात भी की।

जोरदार नारों के बीच यात्रा के अगले पड़ाव पर जमुनिया बाग में लोगों से हाथ मिलाया। अभिवादन किया और आगे बढ़े। रीडगंज ओवरब्रिज पर सुरक्षा में चूक दिखी।

ओवरब्रिज पर चढ़ते गाड़ी में बैठ गए तो सुरक्षा का घेरा टूट गया। लोगों को अपने बगल चलते देख राहुल मुस्कुरा पड़े। आगे बढ़े तो युवाओं ने पुष्प वर्षा करके उनका स्वागत किया। प्रशंसकों से हाथ मिला गुलाब का फूल लिया।
विज्ञापन

बच्चों के साथ मिल की मस्ती

देवकाली में एक एकेडमी के बच्चों के साथ कुछ देर के लिए रुके, बच्चों से हाथ मिलाकर हंसे और हंसाया, बात की। इससे बच्चे भी खुश हो गए। देवकाली तिराहे पर सुनील पाठक की पुत्री दीक्षा पाठक ने आरती उतारी, चांदी का मुकुट पहनाया, मां देवकाली की तस्वीर भेंट की। इसके बाद यात्रा शहर से बाहर दर्शननगर, पूरा, मया बाजार होते हुए गोसाईगंज के बाद अंबेडकरनगर जिले के शिवबाबा धाम में आयोजित खाट पंचायत में पहुंची।

राहुल ने देवकाली समेत दर्शननगर, पूरा, मया बाजार होते हुए गोसाईगंज आदि कई स्थानों पर किसानों से बातचीत की और लोगों को संबोधित भी किया। पिछले ढाई दशक से सुस्त पड़े कार्यकर्ताओं में राहुल की यात्रा ने नया जोश भर दिया। कांग्रेसी कहते दिखे कि नए वायदे चुनाव के लिए अंडर करेंट पैदा कर रहे हैं।

राहुल ने पास कराई एंबुलेंस
किसान यात्रा लेकर राहुल गांधी तिराहे पर पहुंचे तो भीड़ के चलते रास्ता जाम हो गया। इसी दौरान एक एंबुलेंस आती दिखी तो राहुल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इशारे से पुलिस को एंबुलेंस को तुरंत आगे बढ़ाने का संकेत किया। भीड़ को रास्ते से हटाकर एंबुलेंस आगे बढ़ाई गई। इसके बाद ही किसान मांग यात्रा आगे बढ़ी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें