भाजपा व सपा के धुआंधार चुनावी अभियान को देखते हुए कांग्रेस
नेतृत्व भी हरकत में आ गया है।
लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस संगठन
को सक्रिय करने के लिए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 नवंबर को दिल्ली
में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
इसमें चुनाव अभियान की दिशा तय करने
के साथ-साथ संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक
में राहुल प्रदेश में चुनावी तैयारियों का फीडबैक लेकर आगे का रोडमैप तैयार
करेंगे।
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प्रदेश में अन्य दलों के मुकाबले
चुनावी तैयारियों में कांग्रेस काफी पीछे है। भाजपा-सपा जहां एक के बाद एक
बड़ी रैलियां करके अपने पक्ष में माहौल बनाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रही
है वहीं कांग्रेस में कोई हलचल नहीं दिखाई दे रहा है।
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चुनाव सिर पर है और
अभी तक प्रदेश कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा तक नहीं है। पार्टी के विभाग व
प्रकोष्ठ भंग पड़े हैं। संगठनात्मक गतिविधियां ठप हैं।
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प्रदेश में भाजपा
के अमित शाह से दो-दो हाथ करने के लिए प्रभारी बनाकर भेजे गए मधुसूदन
मिस्त्री कोई करिश्मा नहीं दिखा पा रहे हैं। चुनावी मौसम में भी वह यूपी
में ज्यादा वक्त नहीं दे पा रहे हैं।
पार्टी का हाल देखकर कार्यकर्ता भी या
तो निष्क्रिय होकर घर बैठ गए हैं या फिर दूसरे ठौर की तलाश में हैं। पार्टी
सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अब यूपी में पार्टी को सक्रिय करने की
कवायद में जुटने जा रहे हैं।
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दिल्ली में 11 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस की
गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए अहम बैठक होने जा रही
है।
इसमें मधुसूदन मिस्त्री के साथ चारों सह प्रभारी नसीब सिंह, प्रकाश
जोशी, राना गोस्वामी व जुबैर खान, प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, विधानमंडल
दल के नेता प्रदीप माथुर, जनार्दन द्विवेदी व अहमद पटेल रहेंगे।
सूत्रों का
कहना है कि बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन के साथ ही चुनाव के
मद्देनजर केंद्रीय नेताओं की सक्रियता बढ़ाने, प्रत्याशियों के चयन आदि को
लेकर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
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