सारस तिरहा के पास कार्यकर्ताओं से मिलते राहुल गांधी।
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रायबरेली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद रायबरेली आए सांसद राहुल गांधी ने विपक्षियों पर एक के बाद एक वार किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर निशाना साधा। यूपी में युवाओं का रोजगार न मिलने का मुद्दा उठाया तो मायावती को यह कहते हुए घेरा कि यदि वह साथ आतीं तो भाजपा को हरा देते।
सियासी तल्खी के बीच राहुल ने छात्रों के साथ ही जनता के दुख दर्द जाने औैर उन्हें भरोसा दिलाया कि यूपी में उनकी सरकार आने पर सबसे पहले वह बेरोजगारी दूर कराएंगे। रोजगार के लिए उद्योग-धंधे लगाएंगे। साथ ही यह बताना नहीं भूले कि जब हमारे देश में मोबाइल या फिर अन्य सामान बनाने की मशीनें बनेंगी तो सही मायने में युवाओं के चेहरे पर मुस्कान आ सकेगी।
चार माह बाद राहुल अपने संसदीय क्षेत्र आए थे। चुरुवा स्थित हनुमान मंदिर में माथा टेकने के बाद दोपहर 12 बजे वे शहर के राजकीय कॉलोनी स्थित मूल भारती छात्रावास में दलित संवाद कार्यक्रम में पहुंचे। एक घंटे तक यहां रुके सांसद का अंदाज तो पुराना था लेकिन इस बार सियासी तल्खी कुछ ज्यादा दिखी।
यही वजह रही कि संविधान की किताब हाथ में उठाए राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा कि संविधान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जबकि संविधान ने उनके बोलने की आवाज दी है। संविधान दलितों का दिल है।
यूपी में बेरोजगारी को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को भी घेरा। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का जिक्र करते हुए राहुल ने कटाक्ष किया कि मायावती पता नहीं क्यों भाजपा को फायदा पहुंचा रही है। हालांकि राहुल ने संकेत दिए कि 2027 मेंं यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा के साथ ही बसपा से गठबंधन हो सकता है।
जगतपुर के नवाबगंज में राहुल ने ग्रामीणों से मुलाकात करके उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान बुजुर्ग गया प्रसाद तो बुजुर्ग महिला जगराना ने वृद्वावस्था पेंशन दिलाने की मांग की। यहीं पर सर्वेश कुमार, बिंदादीन मौर्य ने सरकारी आवास दिलाने की बात कही। किसानों ने छुट्टा जानवरों से फसल के नुकसान का दर्द बयां किया। राहुल ने उनकी समस्या दूर कराने का भरोसा दिया। शंकरपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राना बेनीमाधव सिंह की प्रतिमा अनावरण करने के बाद भी राहुल ने ग्रामीणों से मुलाकात की।