कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बृहस्पतिवार को लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित दलित सम्मेलन में भाजपा, बसपा पर बेहद आक्रामक नजर आए। हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि भाजपा व आरएसएस के लोग शिक्षा में एक विचारधारा को थोपने की कोशिश कर रहे हैं।
पूरे देश के विश्वविद्यालयों में आरएसएस के लोग कुलपति बनाए जा रहे हैं। हैदराबाद विवि में भी कट्टर आरएसएस समर्थक को कुलपति बनाया गया है। उन्होंने ही रोहित को खत्म किया। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य को बिजनेस बना रही है। गुजरात में पटेल समाज आज भाजपा के खिलाफ खड़ा हो गया है।
कांग्रेस व आरएसएस के बीच लड़ाई
दलितों को साधने के लिए भाजपा व सपा के नक्शेकदम पर चलते हुए राहुल भी डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करना नहीं भूले।
राहुल ने कहा कि देश में आज कांग्रेस और आरएसएस के बीच लड़ाई चल रही है। कांग्रेस लाइन में खड़े अंतिम व्यक्ति को अधिकार दिलाने के लिए उसके साथ खड़ी है। दूसरी तरफ भाजपा आगे वाले को और ताकत देकर पीछे वाले को दबाना चाहती है।
गरीबों की योजनाएं बंद करने की कोशिश
मोदी पर यूपीए सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गई मनरेगा व भोजन का अधिकार कानून जैसी योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि हमने गरीबों को ताकत देने के लिए ये योजनाएं शुरू की थीं। इससे करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल गई। भाजपा इन योजनाओं को बंद करने की कोशिश कर रही है।
मोदी कहते हैं मनरेगा को बंद नहीं करेंगे ताकि दुनिया को पता लगे कि कांग्रेस ने क्या गलती की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गरीबों को रोजगार-भोजन देना बड़ी गलती है।
दूसरी तरफ जेटली ने उनसे मिलकर कहा कि मनरेगा सबसे अच्छी योजना है जिससे पूरे देश को फायदा हुआ। गांवों का विकास हुआ, आर्थिक स्थिति सुधरी। कांग्रेस इन योजनाओं को बंद नहीं होने देगी। जहां गरीबों का अत्याचार होगा वहां कांग्रेस खड़ी दिखाई देगी।
यूपी समेत हर प्रदेश में तैयार होगा युवा दलित नेतृत्व
बसपा सुप्रीमो मायावती पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि मायावती ने दलित नेतृत्व को आगे नहीं बढ़ने दिया। सारी ताकत अपने पास रखी। अब कांग्रेस के पास दलितों को साथ लाने का बड़ा मौका है।
हम यूपी समेत हर प्रदेश में युवा दलित नेतृत्व तैयार करना चाहते हैं। दलित युवा शक्ति को मौका देना चाहते हैं, क्योंकि दलित समाज की जितनी प्रगति होनी चाहिए नहीं हुई।