घटना के बाद भीड़ ने कंटेनर चालक को जमकर पीटा। लोगों ने बताया कि चालक शराब के नशे में था। इस कारण इतना बड़ा हादसा हुआ। पुलिस पर भी सवाल किए गए कि पुलिस केवल बाइक सवारों की ही चेकिंग करती है और पैसा वसूलती है जबकि भारी वाहन चालकों की कभी चेकिंग नहीं होती। यदि कंटेनर चालक की बछरावां में चेकिंग हो जाती तो नशे की हालत में यह पकड़ लिया जाता और इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
राम कुमार की दुनिया उजड़ गई
राम कुमार को उसकी ससुराल में जमीन मिली है। इस पर वह परिवार के साथ ग्राम गंगागंज सोरा में रहते हैं। राम कुमार मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। दोनों बच्चों की मौत ने राम कुमार को हिलाकर रख दिया है। राम कुमार की पत्नी तो घटनास्थल पर जैसे ही पहुंची और बच्चों के शवों को देखा तो वह बदहवास हो गई। घटना को लेकर महिलाओं ने पुलिस के सामने इंसाफ दिए जाने की मांग की। इस दौरान कहा गया कि पुलिस बच्चों को क्या ला सकती है? सारी गलती पुलिस की है। नशे में चालक वाहन चलाते हैं और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है।