एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार को ऊंचाहार तहसील में तैनात अहलमद फौजदारी व एक निजी कर्मी को 7000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। अहलमद शांतिभंग के मामले को खत्म करने के लिए शिकायतकर्ता पर दबाव बना रहा था। एंटी करप्शन ने दोनों के खिलाफ ऊंचाहार कोतवाली में मामला दर्ज कराया है।
सरेनी के गहरौली निवासी कृष्ण बहादुर सिंह तहसील में अहलमद फौजदारी के पद पर कार्यरत हैं। जबकि जिल्ला मजरे गंगौली निवासी ललित कुमार तहसील में निजी कर्मी के रूप में काम करते हैं। जानकारी के मुताबिक पट्टी रहस कैथवल गांव के एक युवक के खिलाफ कुछ माह पहले पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की थी।
मामले को समाप्त करने के लिए अहलमद ने युवक से 7000 हजार रुपये मांगे थे। अहलमद के दबाव के चलते उसने अपनी बकरी बेंचकर पैसों की व्यवस्था की, लेकिन इस दौरान तहसील के एक अधिवक्ता को जानकारी हो गई और उन्होंने शिकायत एंटी करप्शन से कर दी। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी विनोद कुमार यादव की अगुवाई में टीम ने युवक को पैसा दिया और अहलमद को रिश्वत दिलाया।
अहलमद ने पैसा लेकर निजी कर्मी को दे दिया तभी टीम ने दोनों को दबोच लिया। प्रभारी निरीक्षक प्रभारी सियाराम राजपूत ने बताया का एंटी करप्शन की तहरीर पर अहलमद व निजी कर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
तहसील कर्मचारियों में मचा हड़कंप
एंटी करप्शन टीम के छापे के बाद तहसील कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तहसील के सभी कर्मचारी अपने कार्यालय में ताला बंद कर भाग निकले। भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ लेखपाल भी मोबाइल से पल पल की खबर लेते रहे। एंटी करप्शन टीम ने दूसरी बार तहसील में छापा मारा है। पिछले वर्ष हुई छापेमारी के दौरान मामला पकड़ में नहीं आया था।