उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की उपलब्धता के हिसाब से अस्पताल को 100 बेड तक बढ़ाया जाएगा। एम्स की पुरानी ओपीडी में सबसे पहले मरीजों की स्क्रीनिंग होगी। स्क्रीनिंग के बाद मरीज को हॉस्पिटल के पीछे के रास्ते से बेड तक ले जाया जाएगा। एम्स के मेन रोड से मरीजों को ले जाने की व्यवस्था नहीं होगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि अन्य लोग कोरोना संक्रमित न होने पाएं।
एम्स में एल 3 खुल जाने से कोरोना मरीजों को आसपास के जिलों में नहीं भागना पड़ेगा। लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर में बने एल-3 हॉस्पिटल में बेड तक नहीं खाली है। ऐसे मरीज इधर-उधर भटकते रहे हैं। ऐसे समय में एम्स हॉस्पिटल दरियापुर की शुरुआत क्रोमा मरीजों के लिए राहत की बात है।