लखनऊ। अहिमामऊ स्थित स्वास्तिका सिटी में आम रास्ते पर अवैध कब्जे और निर्माण का मामला पिछले डेढ़ माह से स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। पुलिस की निष्क्रियता के चलते मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके परिणामस्वरूप अब पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे हैं।
दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी की सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पूर्व इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह द्वारा शिकायतें अनसुनी किए जाने के कारण आरोपी विनय सिंह द्वारा रास्ते पर लगातार निर्माण कार्य जारी रहा। कॉलोनीवासियों के विरोध और बार-बार की शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हताश होकर, निवासियों ने स्वयं ही अवैध निर्माण को गिरा दिया, जिसके बाद पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ताओं के खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया।
मंगलवार को मामला पुलिस आयुक्त तक पहुंचने के बाद इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किया गया और कब्जा करने वालों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।
पूर्व सांसद की भूमिका की जांच
इस मामले में पहली प्राथमिकी विनय सिंह की तहरीर पर कॉलोनीवासियों के खिलाफ दर्ज की गई थी, जबकि दूसरी प्राथमिकी कॉलोनी निवासी कौशल तिवारी की तहरीर पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह, विनय सिंह और उनके गनर सहित 15 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा रही है। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल के अनुसार, दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव व तहसीलदार सरोजनीनगर सुखवीर सिंह ने मौके का मुआयना कर पुष्टि की कि विनय सिंह जहां निर्माण करवा रहा था, वह कॉलोनी का आम रास्ता है, जिससे आठ से दस परिवारों का मार्ग अवरुद्ध हो रहा था। तत्कालीन इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह पर कार्रवाई के बाद पुलिस अब कॉलोनीवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिला रही है।