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रेसलर की मौत पर उठे सवाल, भाजपा नेता की भूमिका संदिग्ध

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हरदोई के स्वर्ण पदक विजेता रेसलर की मौत पर उठे सवाल, भाजपा नेता की भूमिका संदिग्ध
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ठाकुरगंज में भाजपा नेता रुखसाना नकवी के घर पर रविवार सुबह फंदे से लटके मिले हरदोई के स्वर्ण पदक विजेता रेसलर रेशम सिंह की मौत सवालों के घेरे में आ गई है।
रेसलर के परिवारीजनों का कहना है कि रुखसाना की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। इसलिए दबाव में आकर पुलिस न एफआईआर दर्ज कर रही है न ही कोई कार्रवाई कर रही है।
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रेसलर के भाई गुलजार ने का कहना है कि रुखसाना इस मामले में शुरू से ही झूठ पर झूठ बोल रही हैं। पुलिस रुखसाना व रेशम सिंह के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवा ले तो कई बातें स्पष्ट हो जाएंगी।
परिवारीजनों ने दोनों के पति-पत्नी होने का दावा करते हुए रुखसाना के आधार कार्ड की फोटोकॉपी पुलिस को दी थी।
उक्त फोटोकॉपी में रुखसाना के पति की जगह पर रेशम का नाम लिखा था। जांच में यह कागज फर्जी पाया गया। रुखसाना ने असली आधार कार्ड पुलिस को दे दिया है।
जिसमें रेशम की जगह उनके पति का ही नाम लिखा है। परिवारीजनों का कहना है कि भाजपा नेता की भूमिका सवालों के घेरे में है। वह कई जगह पर फंस रही हैं।
इसके बाद भी पुलिस दबाव में आकर उन्हें बचाने के लिए मामले की गहराई से जांच नहीं कर रही। मालूम हो कि हरदोई के बालामऊ स्थित कुकही गांव निवासी रेशम सिंह का शव रविवार सुबह रुखसाना के घर पर फंदे से लटका मिला था।
परिवारीजनों ने रुखसाना पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है। उधर, इस मामले में ठाकुरगंज पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।
मौत के एक दिन पहले हुआ था झगड़ा
रेसलर रेशम सिंह की मौत से चंद घंटे पहले तक साथ रहे उसके जिगरी दोस्त वारिस गाजी ने पुलिस को अहम जानकारियां दी हैं। उसका कहना है कि रेशम सिंह मौत से एक दिन पहले यानी शुक्रवार को भी रुखसाना के घर गया था। उस वक्त वह भी वहां मौजूद था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और रेशम हरदोई चला गया। शनिवार को वह फिर लखनऊ आया और उसे लेकर रुखसाना के घर पहुंचा। उधर, रेशम की मौत के ठीक बाद रुखसाना ने उससे चार दिन पहले मिलने की जानकारी दी थी। उनका कहना था कि वह पार्टी के सदस्यता अभियान कार्यक्रम में उन्नाव गई थीं। रेशम के भाई गुलजार ने सच्चाई का पता लगाने के लिए रुखसाना के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल व लोकेशन निकलवाने की मांग की है।
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जहां शव मिला वह कमरा आंगन में खुलता है तो सामने से क्यों आईं रुखसाना
रुखसाना के मकान के जिस कमरे में रेशम सिंह का शव फंदे से लटक रहा था, वह ठीक आंगन में खुलता है। उस कमरे के आगे एक आफिस बना हुआ है। उक्त कमरे से आंगन में होते हुए रुखसाना के घर के सभी हिस्सों में आया-जाया जा सकता है। इसके बाद भी रेशम की मौत के बाद रुखसाना ने कमरे के आगे बने ऑफिस का दरवाजा क्यों खटखटाया जबकि वह आसानी से आंगन से सीधे उसके कमरे में प्रवेश कर सकती थीं। गुलजार का कहना है कि उसे पता था कि रेशम सिंह मर चुका है और वह घटना से अनजान बनकर लोगों को दिखाने के लिए ही सामने ऑफिस का दरवाजा खटखटा रही थीं। रुखसाना ने ऐसा क्यों किया? गुलजार ने इसकी जांच कराने की मांग की है।
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