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पीजीआईः पहनते ही फट जाते हैं मास्क और पीपीई किट, सीएम को भेजा पत्र

Sat, 01 Aug 2020 02:49 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पीपीई किट में नाक पर फटा मास्क और सिलाई खुली - फोटो : amar ujala
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पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर लगातार पॉजिटिव निकल रहे हैं। शुक्रवार को पीजीआई का एक और केजीएमयू के छह रेजिडेंट डॉक्टर संक्रमित मिले। ऐसे में इन्होंने पीपीई किट, मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों पर सवाल उठाए हैं। पीजीआई के डॉक्टरों का कहना है कि मास्क लगाते ही फट जा रहे हैं।

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यही हाल पीपीई किट का है। इस बाबत मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री को पत्र भेजा गया है। एसजीपीजीआई में अब तक 10 से ज्यादा रेजीडेंट डॉक्टर पॉजिटिव हो चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले संस्थान खुद पीपीई किट, मास्क आदि खरीद रहा था, लेकिन बाद में उत्तर प्रदेश सप्लाई कॉर्पोरेशन से संस्थान में सुरक्षा उपकरण भेजे जा रहे हैं।

वहीं, संस्थान के जिम्मेदार इनकी पड़ताल भी नहीं कर रहे हैं। समस्या बताने पर कहा जाता है कि उपकरण शासन से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पत्र में रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपील की है कि वे कोरोना काल में पूरी तत्परता से काम करने को तैयार हैं, लेकिन उनकी जान की सुरक्षा का भी इंतजाम किया जाए। किट की गुणवत्ता सही रखी जाए।

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पीजीआई में हो सकता है डॉक्टरों का संकट

पीजीआई में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। राजधानी के कोविड हॉस्पिटल में एक बार में 50 रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी लगती है। इसके अलावा 30-35 रेजिडेंट अन्य वार्डों में हैं। मरीजों की संख्या के साथ कोविड हॉस्पिटल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ानी होगी। 

पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टर एसो. अध्यक्ष डॉ. आकाश माथुर एवं जनरल सेक्रेटरी डॉ. अनिल गंगवार ने कहा कि  कुछ समय से पीपीई किट, एन 95 मास्क की गुणवत्ता को लेकर डॉक्टर शिकायत कर रहे हैं। नई किट कई बार फट जाती है या चेहरे व कान पर गंभीर घाव कर देती है, जो सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है। इस संबंध में निदेशक को भी अवगत कराया गया। संस्थान प्रशासन का कहना है कि पीपीई किट उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन से संस्थान को मिल रही है। 

पीपीई किट व अन्य सुरक्षा उपकरणों की मॉनिटरिंग के लिए संस्थान में कमेटी बनी है। मामले की जानकारी नहीं है। दिखवाया जाएगा कि समस्या कहां आ रही है। - प्रो. आरके धीमान, निदेशक, पीजीआई
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