लखनऊ। सीएम ग्रिड योजना के काम अब पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर भी देखेंगे। नगर निगम में इंजीनियरों की कमी के कारण नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव कल्याण बनर्जी ने इसका आदेश जारी किया है।
सीएम ग्रिड योजना के तहत सात सड़कों को पूरी तरह से स्मार्ट बनाया जा रहा है। इस पर 186 करोड़ रुपये खर्च होंगे। काम की बेहतर निगरानी के लिए शासन ने पीडब्ल्यूडी के सहायक और अवर अभियंता को नगर निगम में संबद्ध करने का आदेश जारी किया है।
पूरे शहर में 110 वार्ड हैं। यहां विकास कार्यों कराने व उनकी निगरानी की जिम्मेदारी अवर अभियंताओं की है, लेकिन इनकी कमी है। इस समय 15 अवर अभियंता ही हैं, जिनमें से दो का तबादला होना है। हर जोन में दो अवर अभियंता भी नहीं हैं। इससे कार्यों की निगरानी में समस्या आती है। सहायक अभियंताओं की भी कमी है। एक सहायक अभियंता दो-दो जोन का काम देख रहा रहा है। इसे देखते हुए शासन ने लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को सीएम ग्रिड योजना के काम के लिए संबंद्ध करने का आदेश दिया है।